उज्जैन नगर पालिका निगम का सॉफ्टवेयर हुआ हैक
उज्जैन । निगम के सॉफ्टवेयर हैक होने की वजह से लाखों करोड़ों के राजस्व पर भी असर पढ़ रहा है। मैन्युअली रूप से संपत्ति कर जमा करने की शर्त यह है कि गत वर्ष की संपत्तिकर जमा वाली रसीद बताना होगी, लेकिन किसी के भवन में निर्माण या संपत्तिकर में बदलाव करना हो तों उसे निगम के सॉफ्टवेयर ठीक होने तक इंतजार करना पड़ेगा।
मैन्युअल रूप से जमा किया जा रहा
फिलहाल निगम के 6 जोनों में उन लोगों का संपत्तिकर मैन्युअल रूप से जमा किया जा रहा है, जिनमें कोई बदलाव नहीं है। निगम ने सॉफ्टवेयर हैक हो जाने के कारण संपत्तिकर जमा करने की तिथि में बदलाव कर दिया है। बता दें कि पहले 31 दिसंबर 2023 आखिरी तारीख थी, लेकिन अब इसे बड़ा करके 15 जनवरी 2024 तक कर दिया गया है।
राशि का डाटा अभी उपलब्ध नहीं
हालांकि सॉफ्टवेयर कब तक ठीक होगा, अभी इसकी कोई जानकारी नहीं है। संपत्तिकर की राशि का डाटा अभी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, क्योंकि सॉफ्टवेयर हैक होने के कारण निगम के कंप्यूटर सिस्टम काम नहीं कर पा रहे हैं। बताया जाता है कि वर्तमान में निगम में संपत्तिकर भवन नामांतरण के साथ ही विवाह पंजीयन, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र, फायर परमिशन, ट्री कटिंग, ट्रेड लाइसेंस, बिल्डिंग परमिशन आदि कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ है।

केंद्रीय नीतियों पर उठाए सवाल, आम आदमी की चिंता व्यक्त की
लोगों ने जताई नाराजगी, सोशल मीडिया पर हो रही तीखी प्रतिक्रिया
न्यायिक सुधारों में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
‘भाजपा की बी-टीम है कांग्रेस’ – सीएम विजयन का विवादित बयान
‘उस समय चिंता जताने वाले शहंशाह चुप क्यों?’ कांग्रेस का तीखा सवाल
चुनावी माहौल में दिया ‘BJP हटाओ, देश बचाओ’ का नारा
फैंस ने खरीदे 6 लाख तक के टिकट, आयोजन हुआ विवादित
हाई कोर्ट में सोम डिस्टिलरीज केस की सुनवाई, ना स्टे मिला ना राहत — 23 मार्च को टॉप प्राथमिकता पर होगी अगली सुनवाई
महापौर का बयान: “जिसकी जरूरत होती है, वही सामान खरीदते हैं”
बीएसपी किराया बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान