जल निगम की तीन सिंचाई परियोजनाओं में हुआ था फर्जीवाड़ा
मध्य प्रदेश: वर्ष 2023 में इस घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी। तब मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, बंगाल, गुजरात व झारखंड में सर्च हुई थी। जल निगम लिमिटेड की 974 के तीन सिंचाई प्रोजेक्टों के लिए इंदौर की तीर्थ गोपी कान कंपनी ने आठ बैंक गारंटी जमा की थी। मध्य प्रदेश में तीन सिंचाई प्रोजेक्टों के लिए 184 करोड़ के फर्जी बैंक गारंटी मामले में सीबीआई ने कोलकता में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्हें शनिवार को ट्रांजिट रिमांड पर इंदौर लाया गया। अब अफसर इस मामले में उनसे पूछताछ करेंगे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम गोविंदचंद हंसदा, फिरोज खान है। गोविंदचंद पंजाब नेशनल बैंक का मैनेजर है, जो इस घोटाले में शामिल था। वर्ष 2023 में इस घोटाले की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली थी। तब मध्य प्रदेश के अलावा दिल्ली, बंगाल, गुजरात व झारखंड में सर्च हुई थी। मध्य प्रदेश जल निगम लिमिटेड की 974 के तीन सिंचाई प्रोजेक्टों के लिए इंदौर की तीर्थ गोपी काॅन कंपनी ने आठ बैंक गारंटी जमा की थी, जो 184 करोड़ की थी। जांच में यह बैंक गारंटी फर्जी निकली।
यह बैंक गारंटी पंजाब नेशनल बैंक की कोलकता शाखा की थी और बैंक अफसरों की सांठ-गांठ से इसे तैयार किया गया था। कंपनी मूलत: गुजरात की है, लेकिन उसका एक दफ्तर इंदौर के रावजी बाजार क्षेत्र में है। जल निगम के अफसरों ने इसकी शिकायत रावजी बाजार थाने में की थी। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया था। इसकी जांच शुरू हुई और सीबीआई ने कोलकता से बैंक के दोषी अफसरों को गिरफ्तार किया।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की संवेदनशील पहल
राज्य सरकार धर्म-संस्कृति की धारा को प्रवहमान बनाए रखने के लिए सतत् सक्रिय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय की बड़ी उपलब्धि
पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई
MVA में 'अविश्वास' की एंट्री: उद्धव सेना की जिद और कांग्रेस की अकड़, क्या टूट जाएगा विपक्षी गठबंधन का किला?
AAP की आंतरिक कलह पर नवीन जयहिंद का 'लेटर बम'— राघव-परिणीति की शादी को बताया विवाद की असली जड़
बच्चू कडू बने 'शिवसैनिक': एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में थामा शिवसेना का हाथ, विदर्भ में बदला सियासी समीकरण
आधुनिक तकनीक और एडवांस सिस्टम से लैस होने की संभावना
किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस, सरकार ने शुरू किया नया डिजिटल मिशन