राहुल गांधी के बयान पर बवाल, भाजपा और आरएसएस ने जताई कड़ी आपत्ति
झारसुगुड़ा। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ ओडिशा में एफआईआर दर्ज की गई है। ओडिशा के झारसुगुड़ा पुलिस थाने में राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 और 197 (1) (डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। राहुल गांधी पर कथित तौर पर "जानबूझकर राष्ट्र-विरोधी" बयान देने का आरोप लगाया गया है। यह भी कहा गया कि इससे हर भारतीय नागरिक आहत हुआ है।
भाजपा नेताओं ने दर्ज कराई शिकायत
एफआईआर के मुताबिक 7 फरवरी को रात साढ़े 11 बजे शिकायत दर्ज कराई गई है। सरबहाल के रहने वाले 42 वर्षीय राम हरि पुजारी ने यह शिकायत दर्ज कराई है। इसमें भाजपा, भाजपा युवा मोर्चा, आरएसएस, बजरंग दल और झारसुगुड़ा जिले के भाजपा विधिक प्रकोष्ठ के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी जानबूझकर राष्ट्र विरोधी बयान दे रहे हैं। इससे प्रत्येक भारतीय आहत है।
पुलिस ने जांच की शुरू
एफआईआर में कहा गया है कि राहुल गांधी के बयान ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को पार कर दिया है। भारतीय राज्य के खिलाफ अपनी लड़ाई की घोषणा करके उन्होंने जानबूझकर लोगों के बीच विध्वंसक गतिविधियों और विद्रोह को उकसाया है। यह भी कहा गया है कि इन बयानों से भारत की संप्रभुता और अखंडता को कमजोर किया है। उधर, शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
राहुल गांधी के इस बयान पर मचा बवाल
राहुल गांधी ने 15 जनवरी को दिल्ली के कोटला रोड पर कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान भाषण दिया था। इस दौरान सांसद राहुल गांधी ने कहा, कि आरएसएस की विचारधारा की तरह हमारी विचारधारा भी हजारों साल पुरानी है और यह हजारों सालों से आरएसएस की विचारधारा से लड़ रही है।
यह मत सोचिए कि हम निष्पक्ष लड़ाई लड़ रहे हैं। इसमें कोई निष्पक्षता नहीं है। अगर आपको लगता है कि हम भाजपा या आरएसएस नामक राजनीतिक संगठन से लड़ रहे हैं तो आप समझ नहीं पाए हैं कि क्या हो रहा है? भाजपा और आरएसएस ने हमारे देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है। अब हम भाजपा, आरएसएस और भारतीय राज्य से ही लड़ रहे हैं।"

टैरिफ टकराव से दुनिया के दो बड़े बाजारों का व्यापार कम
रसोई गैस की किल्लत के बावजूद महाकाल में प्रसाद व्यवस्था सुचारू
गैस सिलेंडर की कमी पर विधानसभा में हंगामा
4 करोड़ की अफीम जब्त, पुलिस के हत्थे चढ़े 7 आरोपी
संसद में गूंजा मोबाइल रिचार्ज का मुद्दा, यूजर्स को क्यों देना पड़ता है ज्यादा पैसा
पुलिया निर्माण कार्य को बाधित करने की नक्सलियों की कोशिश नाकाम