मार्च-अप्रैल में हो सकती है पंचायत चुनावों की घोषणा
जम्मू। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। पिछले कुछ समय से बढ़ती आतंकी घटनाओं को लेकर शाह ने सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बातचीत की और फीडबैक लिया।
गौरतलब है कि सोमवार को आतंकवादियों ने टी़ए़ के सेवानिवृत्त कर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी थी जबकि परिवार के दो अन्य लोग घायल हो गए थे। अमित शाह ने मंगलवार को जम्मू कश्मीर में आतंकी निरोधी अभियानों को लेकर सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस, सी़आरपी़एफ एवं अन्य बलों समेत सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों के साथ जम्मू कश्मीर के हालात पर चर्चा की। इससे पहले 19 दिसम्बर को हुई बैठक में उन्होंने निर्देश दिया था कि सभी सुरक्षाबल आपस में तालमेल और समन्वय कायम कर आतंकियों को ढेर करने के लिए अभियान चलाएं।
पिछले कुछ समय से रियासी, डोडा, किश्तवाड़, कठुआ, जम्मू और राजौरी जिलों में आतंकी घटनाएं बढ़ी हैं जिसने सुरक्षा एजेंसियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इसी के मद्देनजर सुरक्षाबलों ने इन जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है ताकि आतंकवादियों का सफाया किया जा सके। गौरतलब है कि आगामी मार्च-अप्रैल में पंचायत चुनावों की घोषणा हो सकती है और दो विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव भी होना है।
सूत्रों के मुताबिक जून में वार्षिक अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले चुनाव आयोग की कोशिश है कि पंचायत चुनाव करवाए जाएं। पंचायत चुनावों को लेकर मतदाता सूचियों में संशोधन चल रहा है और अब अंतिम प्रकाशन किया जाएगा जिसमें नए युवा मतदाताओं को भी जोड़ा गया है। इसके चलते जम्मू कश्मीर के हालात को लेकर गृहमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की।

संसद में घमासान: लगातार दो दिन की चर्चा के बाद भी बेनतीजा रहा महिला आरक्षण विधेयक
धार्मिक सौहार्द और परंपरा: सबरीमाला सुनवाई में 'वावर शास्ता' और हिंदू-मुस्लिम एकता का जिक्र
लोकसभा में फेल हुआ महिला आरक्षण बिल: बहुमत से 28 वोट दूर रह गई सरकार
दिल्ली में हाई-लेवल मीटिंग: कोयला भंडार और किसानों की जरूरतों पर मंथन करेंगे प्रधानमंत्री
लापरवाही पड़ी भारी: दमोह में लिफ्ट गिरने से मालिक का बेटा और कर्मचारी लहूलुहान
भीड़ नियंत्रण के लिए एक्शन: ओंकारेश्वर मंदिर के प्रवेश मार्ग का होगा विस्तार
महिला आरक्षण पर टीएमसी का हमला: 'बिना परिसीमन के तुरंत लागू हो कोटा'