जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा के आदर्श रहे जान जेलेज्नी बने उनके कोच
नई दिल्ली । लगातार दो ओलंपिक में पदक जीतने वाले स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने अपने करियर में एक रोमांचक नए अध्याय की शुरुआत की। उन्होंने शनिवार को जैवलिन थ्रो के दिग्गज जान जेलेज्नी के साथ एक नई पारी की शुरुआत की है। तीन बार के ओलंपिक चैंपियन और मौजूदा विश्व रिकॉर्ड धारक जेलेज्नी लंबे समय से चोपड़ा के आदर्श रहे हैं और अब वे कोच के रूप में उनका मार्गदर्शन करने वाले है।
दरअसल, नीरज अभी तक जर्मन कोच क्लॉस बार्टोनिएट्ज के साथ काम कर रहे थे, लेकिन बार्टोनिएट्ज ने हाल ही में कोचिंग से संन्यास लिया है। चोपड़ा ने कहा, मैं हमेशा से जान की तकनीक और सटीकता का मुरीद रहा हूं। वह इतने वर्षों तक खेल में सर्वश्रेष्ठ रहे और मेरा मानना है कि उनके साथ काम करना अमूल्य होगा क्योंकि हमारे थ्रो करने की शैली काफी मेल खाती है। उनका ज्ञान बेजोड़ है और भविष्य में उनका मार्गदर्शन मेरे लिए अहम साबित होगा। अपने करियर में अगले स्तर की ओर बढ़ने के लिए जान का मेरे साथ होना सम्मान की बात है।
वहीं जेलेज्नी ने कहा, मैंने कई साल पहले ही नीरज के बारे में एक बेहतरीन प्रतिभा के रूप में बात की है। जब मैंने उन्हें उनके करियर की शुरुआत में देखा था, तब मुझे शीर्ष परिणामों के लिए बहुत संभावनाएं महसूस हुईं। मैंने कहा कि अगर मुझे चेकिया के बाहर से किसी को कोचिंग देनी पड़े, तब मेरी पहली पसंद नीरज ही होगा। मुझे उनकी कहानी पसंद है और मुझे उनमें बहुत संभावनाएं नज़र आती हैं, क्योंकि वह युवा हैं और सुधार करने में सक्षम हैं। कई एथलीट कोचिंग के लिए मुझसे संपर्क कर रहे हैं, इसलिए मेरे लिए यह काम करना बहुत सम्मान की बात है। हम एक-दूसरे को और करीब से जान रहे हैं और दक्षिण अफ्रीका में एक पारंपरिक शीतकालीन शिविर में व्यक्तिगत रूप से शुरुआत करने वाले है। मुझे उनकी प्रगति पर विश्वास है, खासकर तकनीकी पहलू में, ताकि वह मुख्य चैंपियनशिप में शीर्ष स्थान हासिल करना जारी रख सकें।
1992, 1996 और 2000 ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक विजेता जेलेज्नी के नाम अब तक के दस सर्वश्रेष्ठ थ्रो में से पांच हैं, और उन्होंने 1996 में जर्मनी में 98.48 मीटर के वर्तमान रिकॉर्ड को हासिल करने के दौरान चार बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ा था। जब चोपड़ा ने टोक्यो 2020 में स्वर्ण पदक जीता था, तब जान जेलेज्नी दोनों अन्य पदक विजेताओं जैकब वाडलेज (रजत) और विटेजस्लाव वेस्ली (कांस्य) के कोच थे। उन्होंने दो बार की ओलंपिक चैंपियन और तीन बार की विश्व चैंपियन बारबोरा स्पोटाकोवा को भी कोचिंग दी है।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (14 फ़रवरी 2026)
धरती का चलता फिरता कल्प वृक्ष है गौमाता: जगदगुरू राजेन्द्रदास महाराज
नोहलेश्वर महोत्सव आस्था के साथ संस्कृति, परम्परा और सामाजिक समरसता का उत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
जनगणना से ही समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने की रणनीति होती है तय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सामूहिक विवाह सबसे उत्तम, खर्चीली शादियों से बचें : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त की मेहनत को राज्य ने किया पहचान
सेवा, समर्पण और संकल्प के साथ करें कार्य : राज्यपाल पटेल
भारत भवन सिर्फ एक भवन नहीं, जीवन की रचना है, अतीत हो रहा है पुन: जीवंत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
एयर इंडिया पर नियामक की बड़ी कार्रवाई, गड़बड़ी उजागर होने के बाद 1 करोड़ दंड