ईरानी फिल्ममेकर कियारोस्तामी के घर पर बमबारी
तेहरान। ईरान के मशहूर दिवंगत फिल्म निर्देशक अब्बास कियारोस्तामी के घर पर हालिया बमबारी में नुकसान पहुंचने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह हमला शिराज में हुआ, जहां अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों के दौरान कई इलाकों को निशाना बनाया गया।
कियारोस्तामी के बेटे अहमद कियारोस्तामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार रात हुई बमबारी में उनके पिता के घर को नुकसान पहुंचा। उन्होंने लिखा कि उनकी मां ने उन्हें फोन कर अपनी सलामती की जानकारी दी, लेकिन बाद में पता चला कि उनके पिता का घर क्षतिग्रस्त हो गया है। इस घटना पर ईरान का विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने तंज कसते हुए सवाल किया कि क्या कियारोस्तामी का घर भी अमेरिका के लिए किसी “खतरे” का हिस्सा था? उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, सभ्यता और पहचान पर भी हमला है।
उल्लेखनीय है कि अब्बास कियारोस्तामी ईरान के सबसे प्रतिष्ठित फिल्मकारों में गिने जाते थे। उनकी फिल्म टेस्ट ऑफ चेरी को 1997 में कान्स फिल्म समारोह में प्रतिष्ठित पाल्मे डीओर पुरस्कार मिला था। वहीं उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चित फिल्म सर्टिफाइड कॉपी में फ्रांसीसी अभिनेत्री जूलियट बिनोश ने मुख्य भूमिका निभाई थी। कियारोस्तामी का 2016 में निधन हो गया था, लेकिन उनकी फिल्मों को आज भी विश्व सिनेमा में खास स्थान प्राप्त है।
इस बीच, क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने को लेकर सकारात्मक बातचीत जारी है, हालांकि ईरानी अधिकारियों ने इस पर संदेह जताया है।
मंगलवार को भी हमले जारी रहे, जिसमें ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्रों को निशाना बनाया। फारस की खाड़ी के देशों से भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें सामने आई हैं। लगातार बढ़ते इस तनाव ने न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा बल्कि सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

राशिफल 15 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
माओवाद की समाप्ति के बाद अब बस्तर का सर्वांगीण विकास होगा: मंत्री राम विचार नेताम
अम्बिकापुर में विकास को नई रफ्तार
ड्रोन के साथ अपने हौसलों को उड़ान दे रही हैं सरूपी मीणा
अल्पविराम की अवधारणा जीवन और कार्य के संतुलन के लिये अत्यंत आवश्यक : अर्गल
चिन्हारी योजना से सशक्त हो रही छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति
जल जीवन मिशन से संवरी बुलगा की तस्वीर, जीवंती बाई के घर तक पहुँचा शुद्ध पेयजल
नगरीय निकायों के कायाकल्प और वित्तीय सुदृढ़ीकरण के लिये दो दिवसीय "शहरी सुधार कार्यशाला" का हुआ समापन
संकल्प से समाधान अभियान’ से त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी निराकरण हुआ सुनिश्चित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
यूरिया का प्रभावी विकल्प बन रही हरी खाद, जशपुर में 600 हेक्टेयर में प्रदर्शन