IPL 2026 में भावुक कर देने वाला दृश्य, खिलाड़ी ने दिखाई ताकत
क्रिकेट केवल एक खेल नहीं, बल्कि भावनाओं का समंदर है। मैदान पर चौके-छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों के पीछे भी एक इंसान होता है, जो अपनों को खोने के असहनीय दर्द से गुजरता है। भारतीय क्रिकेट इतिहास में कुछ ऐसे जांबाज खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने अपने माता या पिता के निधन के चंद घंटों या दिनों के भीतर मैदान पर कदम रखा और देश के लिए अपना सर्वस्व झोंक दिया।
1. सचिन तेंदुलकर: पिता के विदाई के बाद वर्ल्ड कप में शतकीय प्रहार
साल 1999 के विश्व कप के दौरान मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के पिता रमेश तेंदुलकर का निधन हो गया था। इस खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया। सचिन अंतिम संस्कार के लिए भारत आए, लेकिन अपने पिता के सपनों को पूरा करने के लिए तुरंत इंग्लैंड वापस लौट गए। वापसी के बाद केन्या के खिलाफ मैच में उन्होंने 140 रनों की यादगार पारी खेली और अपना शतक आसमान की तरफ देखकर पिता को समर्पित किया।
2. विराट कोहली: रणजी मैच और पिता का साया उठना
साल 2006 में जब विराट कोहली महज 18 वर्ष के थे, तब उनके पिता का दिल का दौरा पड़ने से देहांत हो गया। उस समय विराट कर्नाटक के विरुद्ध रणजी मैच खेल रहे थे। घर में मातम पसरा था, लेकिन कोहली अगले दिन अपनी टीम दिल्ली के लिए बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने 90 रनों की साहसी पारी खेलकर अपनी टीम को संकट से निकाला और मैच खत्म होने के बाद ही पिता के अंतिम संस्कार के लिए गए।
3. मोहम्मद सिराज: देश सेवा के लिए पिता को अंतिम विदाई भी न दे सके
तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लिए साल 2020 का ऑस्ट्रेलिया दौरा आंसुओं और गर्व का मिला-जुला सफर था। उनके पिता का निधन तब हुआ जब सिराज ऑस्ट्रेलिया में थे। कोरोना के कड़े प्रतिबंधों (बायो-बबल) के कारण वे वापस नहीं आ सके। सिराज ने टीम के साथ रुकने का फैसला किया और अपनी डेब्यू टेस्ट सीरीज में 13 विकेट लेकर भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
4. ऋषभ पंत: आईपीएल से ठीक पहले पिता को खोया
आईपीएल 2017 की शुरुआत से ठीक दो दिन पहले ऋषभ पंत के पिता इस दुनिया से चल बसे। पंत ने पिता का अंतिम संस्कार किया और तुरंत अपनी टीम दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के साथ जुड़ गए। उन्होंने अपनी भावनाओं को काबू में रखते हुए बेंगलुरु के खिलाफ 57 रनों की तूफानी पारी खेली।
5. मुकेश चौधरी: मां के निधन के 48 घंटे बाद मैदान पर वापसी
हाल ही में आईपीएल 2026 के दौरान चेन्नई सुपर किंग्स के तेज गेंदबाज मुकेश चौधरी ने भी अद्भुत साहस दिखाया। 21 अप्रैल को उनकी माताजी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। दुखों का पहाड़ टूटने के बावजूद, मुकेश 23 अप्रैल को मुंबई इंडियंस के खिलाफ महत्वपूर्ण मुकाबले में गेंदबाजी करने उतरे। उन्होंने न केवल अनुशासन दिखाया बल्कि क्विंटन डी कॉक जैसे बड़े बल्लेबाज का विकेट भी झटका, जो उनके पेशेवर समर्पण का प्रमाण है।

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