हिंदुस्तान जिंक सरकार से चर्चा जारी रखेगी: सीईओ
नयी दिल्ली, वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने शुक्रवार को कहा कि वह कंपनी को कई अलग इकाइयों में बांटने से संबंधित प्रस्ताव पर केंद्र के साथ वार्ता जारी रखेगी। यह बयान खान मंत्रालय द्वारा हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड को अलग इकाइयों में बांटने का प्रस्ताव खारिज करने के बीच आया है। हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अपना बाजार पूंजीकरण बढ़ाने के लिए जिंक एवं चांदी समेत अपने कारोबारों को अलग इकाइयों में बांटने की योजना का ऐलान कर चुकी है। हिंदुस्तान जिंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अरुण मिश्रा ने कहा कि यह मामला निदेशक मंडल की बैठक में भी चर्चा के लिए आया। उन्होंने कहा कि मैंने निदेशक मंडल को एक बार फिर स्थिति के बारे में बताया और सरकार के साथ वार्ता जारी रखने का वादा किया। मैं अपने तर्क को समझाने की कोशिश करूंगा कि हम ऐसा क्यों करना चाहते हैं। हिंदुस्तान जिंक में सरकार सबसे बड़ी अल्पांश शेयरधारक है। उसके पास कंपनी में 29.54 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सरकार विभिन्न मार्गों से विनिवेश की प्रक्रिया में हैं और उसे लगता है कि इस समय कंपनी को अलग इकाइयों में बांटने से विनिवेश का अवसर खतरे में पड़ जाएगा।

एमपी विधानसभा में मोदी-ट्रंप मुलाकात की गूंज, अमेरिका ट्रेड डील को लेकर कांग्रेस आक्रामक
छह महीने तक कक्षाओं और हॉस्टल में प्रवेश पर प्रतिबंध
सीएम बोले—अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी नहीं रखी देश की इज्जत
दिल्ली में हड़कंप: लाल किला और विधानसभा पर हमले की चेतावनी
टीम इंडिया की लुटिया डूबो कर ही मानेंगे गौतम गंभीर! हार के सबसे बड़े कसूरवार, प्लानिंग की चूक या जिद का खेल?
विधानसभा में बीपीएल शर्त बनी बवाल की वजह, सरकार पर बढ़ा दबाव
चार साल बाद वेस्टइंडीज-जिम्बाब्वे होंगे आमने-सामने, भारत की नजर भी इस मुकाबले पर रहेगी
जबलपुर में राकेश सिंह का बयान: बजट से प्रदेश को मिलेगी नई रफ्तार