सोने की कीमतों में गिरावट, जेफरीज ने बताया कब और कैसे करें निवेश
व्यापार: वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और बदलते निवेश रुझानों के बीच जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस्टोफर वुड ने निवेशकों को सोना जमा करने की सलाह दी है। उनका मानना है कि अगर सोने की कीमतों में कुछ गिरावट आती है, तो यह निवेश का अच्छा मौका होगा। वुड के मुताबिक, सोने का 200-दिवसीय मूविंग औसत इस समय उच्चतम स्तर से करीब 23 फीसदी नीचे है। यह आंकड़ा सोने को खरीदारी के लिहाज से आकर्षक बनाता है।
सोने की कीमतें कम होने के बीच इसमें निवेश करने का सही मौका
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,012 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। अगर यह कीमत 200- दिवसीय मूविंग स्तर तक गिरती है, तो लगभग 16 फीसदी की और गिरावट हो सकती है। वुड की साप्ताहिक रिपोर्ट 'लालच और भय' के अनुसार कि अगर सोने की कीमतें थोड़ी और नीचे जाती हैं तो यह उसे जोड़ने का सही समय होगा।
अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों ने सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ाई
वुड ने रिपोर्ट में यह भी कहा कि अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी और नौकरी कटौती की खबरें सोने को और आकर्षक निवेश विकल्प बना रही हैं। अमेरिकी चैलेंजर रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के महीनों में नौकरी छूटने के मामलों में वृद्धि हुई है। इससे निवेशक जोखिम वाले परिसंपत्ति से दूर होकर सुरक्षित निवेश की ओर रुख कर रहे हैं।
केंद्रीय बैंकों ने बढ़ाई सोने की खरीद
रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोने की खरीद बढ़ा रहे हैं। तीसरी तिमाही में केंद्रीय बैंकों ने 219.9 टन सोना खरीदा, जो पिछली तिमाही 172 टन से ज्यादा है। इससे वैश्विक मांग और कीमत दोनों में इजाफा हुआ है।
क्या कहते हैं आईएमएफ के आंकड़े?
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2025 तक वैश्विक स्वर्ण भंडार 1,171 मिलियन औंस तक पहुंच गया है। इसकी कुल कीमत करीब 4.48 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है। यह आंकड़ा अमेरिकी ट्रेजरी सिक्योरिटीज में विदेशी निवेश से भी ज्यादा है, जो जुलाई में 3.92 ट्रिलियन डॉलर था।
सोना क्यों है सुरक्षित निवेश?
सोना हमेशा से सुरक्षित निवेश माना जाता रहा है। जब भी दुनिया में आर्थिक या राजनीतिक अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक अपने पोर्टफोलियो को सुरक्षित रखने के लिए सोने में निवेश बढ़ा देते हैं। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्लूजीसी) की वरिष्ठ विश्लेषक लुईस स्ट्रीट के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई का दबाव और डॉलर की कमजोरी सोने की कीमतों को और बढ़ा सकते हैं। बाजार में निवेशकों की रुचि अभी भी मजबूत है और रणनीतिक रूप से सोने को रखना समझदारी भरा कदम है।

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