ऐपल ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला
वाशिंगटन । आईफोन बनाने वाली कंपनी ऐपल ने 600 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कार और स्मार्टवॉच डिस्प्ले प्रोजेक्ट्स को बंद करने की घोषणा के बाद से ही कंपनी द्वारा कर्मचारियों की छंटनी किए जाने की आशंका जताई जा रही थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक कैलिफोर्निया एंप्लॉयमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को जमा की गई फाइलिंग्स से ऐपल द्वारा कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने का पता चला है। फरवरी के आखिरी में एप्पल ने दोनों प्रोजेक्ट्स को बंद करना शुरू किया था। पिछले साल से टेक इंडस्ट्री में छंटनी का संकट छाया हुआ है। ट्विटर से लेकर गूगल, अमेजन, मेटा जैसी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर लोगों को नौकरी से निकाला है। ऐपल का हेडक्वार्टर कैलिफोर्निया के कुपर्टिनो में है। स्थानीय नियमों के अनुसार कंपनियों को छंटनी या कर्मचारियों को काम से निकालने के बारे में जानकारी देनी होती है। ऐपल ने वर्कर एडजस्टमेंट एंड रिट्रेनिंग नोटिफिकेशन के अनुपालन में आठ अलग-अलग फाइलिंग में कर्मचारियों की छंटनी के बारे में बताया। कैलिफोर्नियो के कानून के तहत यह अनुपालन जरूरी होता है। रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम 87 लोग नेक्स्ट जनरेशन स्क्रीन डेवलपमेंट के लिए एक सीक्रेट ऐपल फैसिलिटी से संबंधित पते पर काम कर रहे थे, जबकि अन्य कार प्रोजेक्ट से संबंधित इमारतों में थे। कैलिफोर्निया के सांताक्लारा में ऐपल के कार-संबंधित मुख्य कार्यालय से 371 कर्मचारियों को निकाल दिया गया। इसके अलावा कई दूसरे कार्यालयों में भी दर्जनों कर्मचारी छंटनी से प्रभावित हुए।

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