मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद कई परिवारों ने मालदा में लिया शरण
कोलकाता। वक्फ (संशोधन) अधिनियम को लेकर मुर्शिदाबाद में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद कई परिवार विस्थापित हो गए हैं, जिनमें से कई झारखंड के पाकुड़ जिले में पलायन कर गए हैं, जबकि अन्य ने मालदा में स्थापित राहत शिविरों में शरण ली है। झारखंड के पाकुड़ में पलायन करने वाले एक बुजुर्ग व्यक्ति मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान अपनी आपबीती बताते हुए रो पड़े।
अचानक कुछ लोग आए और तोड़फोड़ शुरू कर दी
उन्होंने कहा कि मुझे वास्तव में नहीं पता कि क्या हुआ। मैंने सुबह अपनी दुकान खोली और बाहर बैठ गया। फिर कई लोग आए और उन्होंने दरवाजे पीटना शुरू कर दिया, ईंटें फेंकनी शुरू कर दीं और दरवाजे तोड़ दिए। मेरा टेलीविजन, मेरा शीशा, मेरा फर्नीचर, 2-3 अलमारियां और मेरा सारा पैसा घर पर ही था। हम परसों रात यहां आए हैं।
उपद्रवियों ने उनका घर-बार सब कुछ जला दिया
पुलिस व केंद्रीय बल की तैनाती के बावजूद मुर्शिदाबाद के हिंसाग्रस्त इलाकों सुती, धुलियान, जंगीपुर में लोग अभी भी खौफ में हैं। पीड़ितों का कहना है कि उपद्रवियों ने उनका घर-बार सब कुछ जला दिया। उन्हें डर है कि पुलिस व केंद्रीय बल के चले जाने के बाद उन पर फिर से हमला हो सकता है।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने साधी चुप्पी
अशांति के बाद, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर स्थिति बिगड़ने के बावजूद चुप रहने का आरोप लगाया है। सीएम योगी ने मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल सरकार पर हमला बोला है और आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार स्थिति बिगड़ने के बावजूद चुप रही है।
सीएम योगी ने कहा कि बंगाल जल रहा है
एक सभा को संबोधित करते हुए, सीएम योगी ने मुर्शिदाबाद में तत्काल केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश देने के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय को भी धन्यवाद दिया। सीएम योगी ने कहा कि बंगाल जल रहा है। राज्य की मुख्यमंत्री चुप हैं। वह दंगाइयों को 'शांति का दूत' कहती हैं। लेकिन जो लोग केवल बल को समझते हैं, वे बातों से नहीं सुनते। धर्मनिरपेक्षता के नाम पर उन्होंने दंगाइयों को अशांति फैलाने की पूरी आजादी दे दी है। पिछले हफ्ते से पूरा मुर्शिदाबाद जल रहा है, फिर भी सरकार चुप है। ऐसी अराजकता पर नियंत्रण होना चाहिए।
उपद्रवियों ने स्थानीय लोगों के घरों में की तोड़फोड़
बता दें कि पिछले दिनों वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उपद्रवियों ने सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के साथ स्थानीय लोगों के घरों में भी तोड़फोड़ की थी। वहीं दूसरी ओर दक्षिण 24 परगना के भांगड़ में पुलिस के साथ उपद्रवियों की झड़प के बाद अभी भी तनाव व्याप्त है।

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