मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दावा – इलाज में नहीं हुई कोई लापरवाही
शहडोल मेडिकल कॉलेज में नवजातों के उपचार को लेकर लापरवाही के दो मामले सामने आए हैं, जिसको लेकर परिजनों ने हंगामा किया और तोड़फोड़ कर दी। वहीं दोनों मामलों पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने पुलिस से इसकी शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
बताया गया कि बीती रात चार दिन के नवजात की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा करते हुए तोड़फोड़ कर दी। वहीं, दूसरे दिन भी नवजात के उपचार में कोताही की बात को लेकर परिजनों ने हंगामा किया। दोनों ही मामले की शिकायत सोहागपुर थाने तक पहुंची है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जानकारी के अनुसार अमलाई क्षेत्र के झगरहा गांव से केवट परिवार द्वारा चार दिन के नवजात को लाकर 24 फरवरी को मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया था। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बच्चे को वाईएप में रखा गया था। हालत में सुधार नहीं होने पर रात वेंटिलेटर में रखा गया, लेकिन रात 10 बजे उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने यह आरोप लगाते हुए हंगामा किया कि उपचार में लापरवाही बरती गई। परिजनों के साथ कई लोगों ने वार्ड के शीशे तोड़ दिए और ड्यूटी डॉक्टर व स्टॉफ से भी अभद्रता की। सूचना पर अस्पताल प्रबंधन के अधिकारी पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। जिन्होंने मामले को शांत कराया। दूसरी घटना धनपुरी क्षेत्र से दो दिन पहले पीलिया पीड़ित नवजात को एनएससीयू में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि ड्यूटी में आने वाले डॉक्टर अलग-अलग तरीके से मर्ज बताते रहे और इलाज की बजाय रेफर की बात कहने लगे। इसी बात को लेकर हंगामा होने लगा। इस मामले में भी प्रबंधन को पुलिस की मदद लेनी पड़ी।
डॉ. अधीक्षक मेडिकल कॉलेज ने कहा कि झगरहा से आए नवजात की हालत पहले से ही खराब थी। वेंटिलेटर में रखने के बाद भी सुधार नहीं हुआ। लापरवाही नहीं हुई है। इसके बाद भी परिजनों ने तोड़फोड़ की। दूसरे मामले में नवजात को पीलिया बढ़ा हुआ है। रेफर की बात उस समय की गई, जब परिजनों ने कहा कि यहां इलाज नहीं हो रहा तो हम ले जाते हैं। दोनों मामलों की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई है।
वहीं, शिशु रोग विशेषज्ञ, डॉक्टर का कहना है कि एसएनसीयू में सुरक्षा गार्ड की कमी है। प्रबंधन को कई बार लिखकर दिया जा चुका है कि यहां गार्ड की संख्या बढ़ाई जाए, लेकिन प्रबंधन ध्यान नहीं देता। अगर पर्याप्त संख्या में वार्ड होते तो शायद ऐसी घटना नहीं होती। आए दिन यहां विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है।
थाना प्रभारी से जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि दोनों मामलों की शिकायत आई है। मौत के बाद परिजन आक्रोशित थे तोड़फोड़ की गई है, लेकिन प्रबंधन ने एफआईआर नहीं कराई है। शिकायत पत्र आया है। जांच जारी है।

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (23 फ़रवरी 2026)
सशक्त समाज निर्माण में शिक्षा और संगठन की भूमिका अहम : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत का किया आत्मीय स्वागत
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुनी ‘मन की बात’ की 131वीं कड़ी
मालवा की अनुकूल भौगोलिक स्थिति और सुदृढ़ अधोसंरचना से औद्योगिक विकास को मिली नई गति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय की पहल ‘देखो अपना देश’ से जागा युवाओं में उत्साह
देश के प्रत्येक व्यक्ति को जनजातीय इतिहास को जानना चाहिए: चीफ जस्टिस न्यायमूर्ति सूर्यकांत
27 दिनों तक चिकित्सकों की देखभाल से नन्हीं जान को मिला नया जीवन
नवाचार और तकनीक से मध्यप्रदेश को बनाया जायेगा अग्रणी कृषि राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
"मन की बात" देश और देशवासियों की उपलब्धियों को सामने लाने का एक प्रभावी प्लेटफार्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव