मनेंद्रगढ़: छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में अंधड़ और तेज बारिश का सिलसिला लगातार बना हुआ है। प्रदेश के अनेक इलाकों में गरज-चमक के साथ हो रही इस मानसूनी फुहारों के कारण पारे में भारी गिरावट आई है, जिससे स्थानीय निवासियों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि, इस खुशनुमा मौसम के बीच मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के चरखर गांव से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर आई है। यहाँ एक विशाल पेड़ पर आकाशीय बिजली (गाज) गिरने की वजह से एक महिला मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। मिली जानकारी के अनुसार, चरखर में मनरेगा (MGNREGA) के तहत काम चल रहा था, तभी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश होने लगी। पानी से बचने के लिए करीब 40 से 50 श्रमिक पास ही के एक पेड़ के नीचे शरण लिए हुए थे, तभी अचानक उसी पेड़ पर बिजली आ गिरी।

सुकमा में दर्ज की गई सबसे ज्यादा बारिश, सक्रिय हैं तीन वेदर सिस्टम

मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञों के मुताबिक, पूरे राज्य में इस समय प्री-मानसून गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय हैं। अगर बीते 24 घंटों के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बस्तर संभाग के सुकमा जिले में सबसे अधिक 20 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। इसके अलावा पेंड्रा रोड और जगदलपुर के इलाकों में भी झमाझम पानी बरसा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के वायुमंडल में एक साथ तीन शक्तिशाली मौसमी सिस्टम काम कर रहे हैं, जिसके प्रभाव से हवाओं में नमी बढ़ी है और बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बौछारें पड़ रही हैं।

राजनांदगांव में सबसे ज्यादा तपिश, पेंड्रा रोड रहा सबसे ठंडा

तापमान के मोर्चे पर जिलों की स्थिति कुछ इस प्रकार रही:

  • राजनांदगांव: यह जिला प्रदेश का सबसे तप्त इलाका रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

  • रायपुर और बिलासपुर: राजधानी रायपुर में पारा 39.2 डिग्री और न्यायधानी बिलासपुर में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

  • दुर्ग: यहाँ का अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

  • पेंड्रा रोड और अंबिकापुर: पेंड्रा रोड में अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री और अंबिकापुर में 36.1 डिग्री सेल्सियस रहा।

  • जगदलपुर: इस आदिवासी अंचल में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

विशेष बात यह है कि मंगलवार (2 जून 2026) को पेंड्रा रोड पूरे राज्य में सबसे सर्द रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 23.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

आगामी 5 दिनों का अनुमान: वज्रपात और अंधड़ को लेकर यलो अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, आने वाले अगले 5 दिनों तक प्रदेश का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा और धूल भरी आंधी के साथ बारिश की गतिविधियां थमेंगी नहीं। हालांकि, अगले दो दिनों के भीतर कुछ मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी देखी जा सकती है।

प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से रायपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, कोरिया, कांकेर, दंतेवाड़ा, बस्तर, बीजापुर और सुकमा सहित कुल 16 संवेदनशील जिलों के लिए 'यलो अलर्ट' जारी किया है। लोगों से अपील की गई है कि कड़कड़ाती धूप या आंधी के समय बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।