जबलपुर: समाज में जीव दया और सेवा का एक अनूठा उदाहरण पेश करते हुए संकल्प संगठित परिवार के सेवाभावी सदस्यों ने बेसहारा पशुओं के लिए एक विशेष अभियान चलाया। संस्था के सदस्यों ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया है कि वे न सिर्फ अपने आस-पास स्वच्छता अभियान चलाएंगे, बल्कि ताजी घास और पौष्टिक आहार के जरिए बेजुबान पशु-पक्षियों की भूख मिटाने का काम भी करेंगे। इसी कड़ी में संस्था ने पूरी निष्ठा के साथ बेसहारा जीव-जंतुओं और गौमाता की सेवा की।

अपने हाथों से काटा चारा, गौशालाओं में बांटे फल और सब्जियां

इस सेवा अभियान के अंतर्गत संस्था के कार्यकर्ताओं ने केवल सड़कों पर भटकने वाले लावारिस गोवंश की ही मदद नहीं की, बल्कि स्थानीय गौशालाओं में जाकर भी गायों को ताजी हरी सब्जियां, फल और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया। इस दौरान सेवा की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर तब सामने आई, जब संस्था के सदस्यों ने खुद अपने हाथों से दरांती (हँसिया) चलाकर खेतों से ताजी घास काटी और उसे आदरपूर्वक गौमाता के सामने परोसा।

मछलियों, चींटियों और बेसहारा श्वानों का भी रखा ध्यान

गौ सेवा के साथ-साथ संस्था ने प्रकृति के अन्य छोटे-बड़े जीवों की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा:

  • संस्था के सदस्यों ने स्थानीय जलाशयों और तालाबों पर पहुंचकर मछलियों को दाना खिलाया।

  • चींटियों के ठिकानों पर जाकर उनके लिए भोजन और आटे-दाने का प्रबंध किया गया।

  • रिहायशी इलाकों और सड़कों के बेसहारा कुत्तों को बिस्किट व भोजन दिया गया।

संस्था की संचालिका प्रिया यादव ने इस मुहिम की जानकारी देते हुए बताया कि संकल्प संगठित परिवार का मुख्य ध्येय समाज को यह संदेश देना है कि हम अपनी भागदौड़ भरी जिंदगी से कुछ पल निकालकर इन मूक जीवों की देखभाल करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में भी संस्था द्वारा ऐसे परोपकारी कार्य लगातार किए जाते रहेंगे।

इन सहयोगियों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

जबलपुर के गढ़ा क्षेत्र में आयोजित इस सराहनीय कार्य में संस्था की ओर से चांदनी ताम्रकार, विद्या केवट, नीलम जैन, सचिन गुप्ता और सुरभि जैन ने सक्रिय योगदान दिया। इसके साथ ही गढ़ा बाजार व्यापारी संघ के राजेश प्रिंसी, दिनेश गरहेटे, डीके उपाध्याय, हेमंत शर्मा, साई बाबा, मदन माली, अनुराग पटेल, अग्रिम जैन, पाई लाल साहू, उमेश उपाध्याय, किशन पटेल और बसंत कोरी ने भी इस सेवा कार्य में अपना बढ़-चढ़कर सहयोग प्रदान किया। इस नेक पहल की सराहना अब भोपाल और इंदौर के सामाजिक संगठनों द्वारा भी की जा रही है।