हाईकोर्ट से झटका लगते ही दबोची गईं गिरिबाला सिंह: मॉडल त्विशा मौत मामले में सीबीआई ने भोपाल स्थित घर से किया अरेस्ट
भोपाल: बहुचर्चित पूर्व मॉडल और अभिनेत्री त्विशा शर्मा की संदेहास्पद मौत के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई की है। सीबीआई की विशेष टीम ने गुरुवार को त्विशा की सासू मां और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को भोपाल स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी से पहले सीबीआई के अधिकारियों ने उनके कटारा हिल्स/बाग मुघलिया स्थित निवास पर करीब 6 घंटे तक बेहद कड़ी पूछताछ की और अपराध के घटनाक्रम (क्राइम सीन) को भी री-क्रिएट किया।
हाईकोर्ट ने रद्द की थी अग्रिम जमानत
गिरिबाला सिंह को इससे पहले 15 मई को स्थानीय सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मिल गई थी। हालांकि, मृतका के पिता नवनिधि शर्मा और राज्य सरकार ने इस फैसले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। बुधवार (27 मई) को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत को खारिज कर दिया। जमानत रद्द होने के ठीक अगले ही दिन सीबीआई ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया।
लगे हैं दहेज हत्या और गर्भपात के गंभीर आरोप
33 वर्षीय पूर्व 'मिस पुणे' त्विशा शर्मा का विवाह 9 दिसंबर 2025 को गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह (जो पेशे से वकील हैं) के साथ हुआ था। शादी के महज 6 महीने के भीतर ही 12 मई 2026 को भोपाल में अपने सासरिया घर में त्विशा का शव संदेहास्पद स्थिति में मिला था।
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सीबीआई और परिजनों के आरोप: परिजनों का आरोप है कि शादी में मिले दहेज से ससुराल वाले खुश नहीं थे और लगातार स्टेटस के नाम पर मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दे रहे थे।
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जबरन गर्भपात का दबाव: सीबीआई ने कोर्ट में यह भी बताया कि जब त्विशा गर्भवती हुईं, तो उनके चरित्र पर झूठा शक किया गया और उन पर जबरन गर्भपात (Abortion) कराने का दबाव बनाया गया।
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सबूत मिटाने की कोशिश: हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने यह पक्ष भी रखा कि पूर्व न्यायाधीश होने के नाते गिरिबाला सिंह ने डिजिटल फॉरेंसिक और क्राइम सीन मैनेजमेंट के अपने ज्ञान का गलत इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की।
पति पहले से ही सीबीआई की हिरासत में
त्विशा शर्मा की मौत के बाद उनका पति समर्थ सिंह करीब 10 दिनों तक फरार चल रहा था, जिसे 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह इस समय पहले से ही सीबीआई की रिमांड पर है। सीबीआई के मुख्य सूचना अधिकारी के अनुसार, अब मां (गिरिबाला सिंह) और बेटे (समर्थ सिंह) को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी ताकि 12 मई के दिन की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके।
हाईकोर्ट के इस कड़े रुख और गिरफ्तारी के बाद त्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने न्यायपालिका का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्याय की इस लड़ाई में यह एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण कदम है।

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