कड़ा रुख: पहलगाम हमले की बरसी पर पीएम मोदी ने आतंकवाद पर साधा निशाना
नई दिल्ली/श्रीनगर: आज पूरा देश जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए उस भयावह आतंकी हमले की पहली बरसी पर उन मासूमों को याद कर रहा है, जिन्होंने पिछले साल 22 अप्रैल को अपनी जान गंवाई थी। 26 लोगों की शहादत वाली उस हृदयविदारक घटना ने समूचे राष्ट्र की आत्मा को झकझोर कर रख दिया था। इस भावुक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध भारत के शून्य-सहिष्णुता (Zero Tolerance) के संकल्प को फिर से दोहराया है।
शोक और संकल्प का संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने आधिकारिक 'X' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर शहीद नागरिकों को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि उन निर्दोषों के बलिदान को राष्ट्र कभी विस्मृत नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के कुत्सित इरादों के सामने कभी घुटने नहीं टेकेगा और देश इस दुख की घड़ी में एकजुटता के साथ खड़ा है। पीएम ने जोर देकर कहा कि आतंकियों की कोई भी नापाक साजिश भारत के बढ़ते कदमों को नहीं रोक पाएगी।
जख्म अब भी ताजा, सुरक्षा बल मुस्तैद
एक साल पहले हुए इस हमले ने न केवल कई परिवारों को उम्र भर का गम दिया, बल्कि देशभर में व्यापक जनाक्रोश को भी जन्म दिया था। इस हमले के जवाब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' ने सीमा पार बैठे आतंकियों के हौसले पस्त कर दिए थे। आज पहली बरसी के मद्देनजर कश्मीर घाटी को एक अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है।
हाई अलर्ट: खुफिया विभाग की निरंतर निगरानी के बीच पर्यटन स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा चक्र को और कड़ा कर दिया गया है।
सर्च ऑपरेशन: सुरक्षा बलों द्वारा जंगलों और ग्रामीण इलाकों में सघन तलाशी अभियान जारी है ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते विफल किया जा सके।
चौकसी: सेना और स्थानीय एजेंसियां घुसपैठ की हर छोटी-बड़ी कोशिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह हाई अलर्ट पर हैं।
यह दिन जहाँ उन 26 परिवारों के अपूरणीय नुकसान की याद दिलाता है, वहीं यह भारत की उस अडिग शक्ति का भी प्रतीक है जो आतंकवाद के समूल नाश के लिए कटिबद्ध है।

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