मुनीर बोले-ईरान से इतनी मोहब्बत है तो वहीं चले जाओ, भड़के शिया उलेमाओं ने जताई आपत्ति
इस्लामाबाद। पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर पाकिस्तान के शिया मुस्लिमों को नफरत की नजर से देखते हैं। इसकी बानगी एक हाई-प्रोफाइल इफ्तार बैठक में देखी गई। जहां जनरल मुनीर ने कहा कि जिन्हे ईरान में गहरी मोहब्बत है वे पाकिस्तान छोड़कर ईरान चलें जाएं, ये उनकी बेहतरी के लिए अच्छा होगा। इस शिया उलेमा भड़क गए और उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि लगता है पाकिस्तान में जिया उल हक का दौर आ गया है।
सैयद जवाद नकवी ने सेना प्रमुख के रवैये की तुलना पूर्व तानाशाह जनरल जिया-उल-हक के दौर से कर दी। उलेमा का आरोप है कि वर्तमान नेतृत्व जिया-उल-हक की तर्ज पर शिया समुदाय पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि सेना की रणनीतिक नीतियों और विदेशी ताकतों को सैन्य ठिकाने देने जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सवाल उठाने वाली आवाजों को कुचलने का प्रयास किया जा रहा है। इस विवाद ने पाकिस्तान के भीतर आंतरिक सुरक्षा और सांप्रदायिक सद्भाव के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।दरअसल, पाकिस्तान में हाल ही में आयोजित एक हाई-प्रोफाइल इफ्तार बैठक के बाद देश का धार्मिक और राजनीतिक माहौल गरमा गया है। 19 मार्च को हुई इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और प्रमुख शिया उलेमा के बीच तीखी बहस और तनावपूर्ण संवाद की खबरें सामने आई हैं। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान सेना प्रमुख का रवैया काफी सख्त रहा, जहां उन्होंने लगभग एक घंटे तक अपना पक्ष रखा लेकिन उलेमा को अपनी बात कहने या जवाब देने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया।
विवाद का मुख्य केंद्र जनरल मुनीर का वह कथित बयान बना है, जिसमें उन्होंने शिया समुदाय के धार्मिक जुड़ाव पर टिप्पणी करते हुए कहा, अगर आपको ईरान से इतना लगाव है, तो आप वहां चले जाएं। इस बयान ने शिया समुदाय के भीतर गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। समुदाय के नेताओं और उलेमा ने इसे अपनी देशभक्ति पर सीधा प्रहार और अपमानजनक करार दिया है। मौलाना हसनैन अब्बास गर्देजी और अल्लामा नजीर अब्बास तकवी जैसे दिग्गजों ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी के लिए ऐसी भाषा का उपयोग करना अनुचित है। उनका तर्क है कि पाकिस्तान के निर्माण में शिया समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका रही है और इराक या ईरान जैसे धार्मिक स्थलों से भावनात्मक जुड़ाव को देशद्रोह या कम देशभक्ति से जोड़कर देखना गलत नैरेटिव है।

धार्मिक तैयारियां शुरू: मद्महेश्वर और तुंगनाथ के कपाट खुलने की तिथि कल तय, डीएम रहेंगे मौजूद
डिप्टी स्पीकर पद खाली रहने पर विपक्ष का सरकार पर निशाना
केदारनाथ यात्रा को लेकर प्रशासन अलर्ट, डीएम-एसपी ने मौके पर पहुंचकर परखी व्यवस्थाएं
असम के मुख्यमंत्री पर राहुल गांधी का तीखा वार, कहा- सबसे भ्रष्ट नेताओं में एक
बिहार में राजनीतिक हलचल: 15 तारीख को नए सीएम का शपथ ग्रहण, प्रधानमंत्री की मौजूदगी की चर्चा
मामले में अदालत का अहम हस्तक्षेप, गिरफ्तारी पर ब्रेक
ट्रैफिक नियमों का सख्त संदेश, दुर्ग में बड़ी कार्रवाई
श्रमिकों का उग्र प्रदर्शन, नोएडा में हिंसा—5 वाहन जलाए, दिल्ली पुलिस हाई अलर्ट पर
स्पिन के साथ पेस का ट्विस्ट, क्रुणाल की स्मार्ट रणनीति