त्रासदी की छाया: 8 शवों की अंतिम यात्रा में लोग रो पड़े
इंदौर: तिलक नगर थाना क्षेत्र के ब्रजेश्वरी एनएक्स से जैसे ही एक साथ 8 लोगों की अर्थियां उठीं तो सभी के आंखें नम हो गई. परिजन सहित मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं. सभी का एक साथ तिलक नगर स्थित मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे. शहर के तिलक नगर थाना क्षेत्र के बृजेश्वरी एनएक्स में इलेक्ट्रॉनिक कार को चार्ज करने के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ. इस घटना में बिहार के सेठिया परिवार के 6 लोगों की घटना में मौत हो गई. यह परिवार इंदौर के पुगलिया परिवार के यहां पहुंचा था.
कॉलोनी में मृतकों के शव पहुंचते ही पसरा सन्नाटा
इंदौर के तिलक नगर थाना क्षेत्र के बृजेश्वरी एनएक्स में मनोज पुगलिया के परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई, जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है. तकरीबन 2 से ढाई घंटे तक 8 लोगों के पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही एक के बाद एक शव बृजेश्वरी एनएक्स स्थित उनके घर के नजदीक एक परिजन के घर पर पहुंचे तो पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया और सभी की आंखें नम हो गईं. बाकी बचे परिजन और रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल था.
सभी का एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद परिजन के घर पहुंचे सभी शवों की एक साथ अर्थी उठी. इसके बाद बृजेश्वरी एनएक्स से एक साथ 8 शव एंबुलेंस के माध्यम से तिलक नगर मुक्तिधाम पहुंचे. जहां पर विधि-विधान के साथ परिजनों के द्वारा अंतिम संस्कार किया गया. वहीं छोटे बच्चे को तिलक नगर मुक्तिधाम में ही मौजूद बच्चों के शमशान घाट में दफनाया गया. इस पूरे घटनाक्रम में राज्य सरकार के द्वारा एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है.
पड़ोसी भारत जैन ने बताया आंखों देखा घटनाक्रम
पड़ोसियों का कहना पूरा ही घटनाक्रम काफी भयभीत करने वाला था लेकिन जैसे तैसे कर मनोज के परिजनों को बचाने का प्रयास किया और उसमें हम कुछ सफल भी हुए. घटना को लेकर कॉलोनी के लोगों में आक्रोश भी देखा गया. पड़ोसी भारत जैन ने बताया कि "बुधवार की सुबह तकरीबन 3:00 बजे के आसपास जब उनकी नींद खुली तो बाहर से बचाव-बचाव की आवाजें आ रहीं थीं. मैंने बाहर जाकर देखा तो पूरी बिल्डिंग में आग लगी हुई थी. इसके बाद मैंने अपने परिजनों को जगाया और सबसे पहले घर की छत पर पहुंचा और मनोज और उनके परिजनों को घर की छत के माध्यम से बचाने का प्रयास किया. मनोज उनकी पत्नी और दोनों बेटे और एक बहू के साथ घर की छत पर भी आ गए थे. जहां मनोज ने अपने पत्नी और बेटों को जैसे-तैसे पड़ोसी भरत जैन की छत पर भेज दिया."
'बहू को निकालने पहुंचे मनोज फिर नहीं लौटे वापस'
पड़ोसी भारत जैन ने बताया कि "इसी दौरान बहू सिमरन आग में घर में ही फंस गई थी. उसे बचाने के लिए ससुर मनोज उसे निकालने दोबारा पहुंचे लेकिन वह उसके बाद वापस नहीं लौट सके. इस घटना में ससुर मनोज और उनकी बहू सिमरन की मौत हो गई, जबकि मनोज के साले विजय उनकी पत्नी और बिहार से आए उनके रिश्तेदारों की भी मौत हो गई. इस घटना में 8 लोगों की मौत हो गई जिसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल था. जिसने भी इस पूरे घटनाक्रम को देखा है वह कभी भी इस मंजर को भुला नहीं पाएंगे."

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