सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिये लगातार हो रहे हैं सड़क सुरक्षा प्रबंधन कोर्स
भोपाल : पुलिस परिवहन शोध संस्थान (पीटीआरआई) द्वारा मध्यप्रदेश में सड़क पर होने वाली वाहन दुर्घटना एवं दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाने के उद्देश्य से लगातार सड़क सुरक्षा प्रबंधन कोर्स हो रहे हैं।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेक शर्मा के निर्देशन पर पीटीआरआई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को सड़क सुरक्षा प्रबंधन कोर्स के माध्यम से दो दिवसीय प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य सड़क उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित सड़क नेटवर्क उपलब्ध कराने, पदयात्रियों तथा सायकिल, वाहन चालकों को प्राथमिकता और भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या एवं सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु की संख्या में कमी लाना है ।
प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ पर उप पुलिस महानिरीक्षक पीटीआरआई टी.के. विद्यार्थी ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता को प्रशिक्षणार्थियों के सम्मुख रखा। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को मूलभूत यातायात सेवा में अविभाज्य अंग के रूप में मान्यता देना है। उनके द्वारा यातायात प्रवर्तन को दृष्टिगत रखते हुये ई-इनफोर्समेंट पर जोर दिया गया। साथ ही ओवर स्पीडिंग से निदान के लिये इन्टरसेप्टर व्हीकल की उपयोगिता को बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया। वर्तमान में भारत सरकार की योजनाओं राहवीर एवं केशलैस उपचार के साथ गोल्डर ऑवर की अवधारणा से प्रशिक्षुओं को अवगत कराया। इस दौरान पीटीआरआई के सहायक पुलिस महानिरीक्षक अभिजीत कुमार रंजन, राजेश मिश्रा, उपुअ मनोज खत्री एवं प्रशिक्षण टीम के अधिकारी उपस्थित थे।
कोर्स के समापन के दौरान प्रशिक्षणार्थियों को पीटीआरआई द्वारा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदाय किया गया।

क्या फिर से जवान हो सकता है दिमाग? रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा
परिसीमन विवाद: काले झंडे, बिल की कॉपी जलाकर विरोध, स्टालिन के प्रदर्शन से गरमाई राजनीति
वर्ल्ड कप मैच पर संकट, कनाडा टीम की भूमिका पर जांच
तीसरी बार उपसभापति चुने गए हरिवंश नारायण, पीएम मोदी ने की जमकर तारीफ
बुमराह की गेंदबाजी क्यों नहीं कर पा रही असर? सामने आई बड़ी वजह
d4vd की गिरफ्तारी से मचा हड़कंप, 14 साल की लड़की की मौत से जुड़ा मामला
कब होगा कैबिनेट विस्तार? BJP की बैठक से आया बड़ा अपडेट, जानें अंदर की बात
नवजात को नमक देना क्यों है जोखिम भरा? डॉक्टरों ने बताया कारण
सावधान रहें: जनगणना स्वगणना फॉर्म में छोटी गलती भी बन सकती है बड़ी समस्या