भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में बदलाव: व्हाइट हाउस ने अमेरिकी दालों को सूची से हटाया, समझिए क्या है इसके मायने
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां दोनों देशों के बीच हुए इस व्यापार समझौते की एक महत्वपूर्ण सूचना में अब बदलाव किया है। पहले जारी तथ्य पत्र में कुछ दालों को शामिल किया गया था, लेकिन अब उन्हें सूची से हटा दिया गया है। इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस की ओर से बयान जारी कर दिया गया। इसका मतलब है कि भारत पर अमेरिकी दालों के आयात शुल्क में बदलाव अभी स्पष्ट नहीं है। बता दें कि व्हइट हाउस की ओर से जारी पहली तथ्य पत्र में में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और कुछ खाद्य और कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा या हटा देगा। इनमें खास तौर पर सूखे अनाज, लाल ज्वार, पेड़ के मेवे, फल और नट्स, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, शराब और वाइन शामिल थी।
अब समझिए बदलाव क्या हुआ?
ऐसे में अब व्हाइट हाउस ने अपनी पहला तथ्य पत्र का संशोधित कर दिया है। अब इसमें शामिल दालें को हटा दिया गया है। यानी अब यह साफ नहीं है कि भारत अमेरिकी दालों पर कोई शुल्क घटाएगा या नहीं।ऐसे समझिए पूरा मामला भारत और अमेरिका ने अंतरिम समझौते पर सहमति दी।अमेरिका चाहता है कि भारत उसके सामान पर कम टैक्स लगाए, ताकि अमेरिका के उत्पाद आसानी से भारत में बिक सकें।शुरू में व्हाइट हाउस ने कहा था कि दालें भी शामिल हैं।अब यह बात बदल गई है, दालों का जिक्र तथ्य पत्र से हटा दिया गया।भारत अमेरिका से बहुत सारा दाल आयात करता है।अगर भारत पर टैक्स नहीं घटाएगा, तो अमेरिका के लिए दालों का निर्यात महंगा रह सकता है।

सुनेत्रा पवार का बयान: अजित पवार के विकास एजेंडे को आगे ले जाएंगे, बारामती में मुकाबला तेज
रहाणे के बयान पर सहवाग ने जताई नाराजगी, कहा टीम भावना को समझो
युवा खिलाड़ी का IPL डेब्यू फैंस के लिए रोमांचक होगा
ASF मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं, लेकिन पशु उद्योग के लिए बड़ा खतरा
डिजिटल संकट का डर! क्या अब नए 100, 200 और 500 रुपये के नोट बनेंगे सहारा?
IPL में आज दिखेगा असली क्लैश, फैंस की नजरें इस मुकाबले पर
शेयर बाजार टूटा तो सोने ने पकड़ी रफ्तार, आज के ताजा रेट देखें
कोलकाता पर हमले की धमकी पर भारत का पलटवार, Rajnath Singh बोले—‘परिणाम भुगतने होंगे’
राज्यसभा सीट और पार्टी बदलाव: राघव चड्ढा को लेकर बढ़ी सियासी अटकलें