मणिकर्णिका घाट विवाद पर कांग्रेस का आक्रोश, इंदौर में किया प्रदर्शन
इंदौर। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में देवी अहिल्या द्वारा 254 साल पहले बनवाए गए मणिकर्णिका घाट पर की गई तोड़फोड़ का इंदौर में विरोध देखने को मिला है. इंदौर शहर कांग्रेस द्वारा राजवाड़ा स्थित देवी अहिल्या की प्रतिमा के नीचे धरना देकर इसका विरोध किया गया है. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि देवी अहिल्या द्वारा निर्मित की गई ऐतिहासिक विरासत को नुकसान पहुंचाया गया है.वहां स्थित मंदिर तोड़े गए है, साथ ही देवी अहिल्या की प्रतिमा को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
सज्जन वर्मा ने बीजेपी पर साधा निशाना
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी धर्म की बात करती है, लेकिन वो सब पाखंड है. यूपी में बीजेपी की सरकार है और उन्होंने ही ऐतिहासिक विरासत को तोड़कर अपनी हकीकत बता दी है. कांग्रेस ने मांग की है कि जल्द ही वहां नया निर्माण करवाया जाए, इस घटना से हर किसी का मन व्यथित है।
18 करोड़ की लागत से पुनिर्विकास का कार्य
मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास का कोलकाता की रुपा फाउंडेशन सीएसआर फंड से कर रही है. इसके निर्माण में लगभग 18 करोड़ रुपये की लागत आएगी. पीएम नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2023 को महाश्मशान मणिकर्णिका पुनर्विकास का शिलान्यास किया था. इसके निर्माण में चुनार के बलुआ पत्थर और जयपुर के गुलाबी पत्थरों का उपयोग किया जाएगा।
पुनर्विकास के कार्य पर विवाद क्यों?
दरअसल, वाराणसी में गंगा नदी के किनारे स्थित मणिकर्णिका घाट का पुनिर्विकास किया जा रहा है. इस निर्माण कार्य के लिए कई जगहों पर तोड़फोड़ की गई. इस घाट का निर्माण इंदौर की शासिका देवी अहिल्या बाई होलकर ने करवाया था. इसी वजह से लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

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