7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूबे, 4 दिन में 1500 अंक टूटा सेंसेक्स, बाजार में गिरावट की आंधी
घरेलू शेयर बाजार में गिरावट की आंधी चल रही है। शेयर बाजार लगातार चौथे दिन लुढ़क गया है। 4 दिन में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) के सूचकांक सेंसेक्स में 1565 अंक से ज्यादा की गिरावट आई है। वहीं, निफ्टी 50 में 1.70 पर्सेंट से अधिक की गिरावट देखने को मिली है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बढ़ते भूराजनीतिक तनाव, ट्रंप टैरिफ को लेकर अनिश्चितता, कमोडिटी की कीमतों में गिरावट, रसिया सैंक्शंस एक्ट और विदेशी निवेशकों की तरफ से की जाने वाली बिकवाली की वजह से घरेलू शेयर बाजार लुढ़क रहा है।
कारोबार के दौरान 700 अंक से ज्यादा लुढ़क गया सेंसेक्स
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक सेंसेक्स गुरुवार को कारोबार के दौरान 700 अंक से ज्यादा टूटकर 84,110 अंक के लेवल तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी में 250 प्वाइंट से अधिक की गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को गुरुवार को 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है। BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का मार्केट कैप 7.19 लाख करोड़ रुपये घटकर 474 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। घरेलू शेयर बाजार में इन वजहों से गिरावट देखने को मिली है...
रसिया सैंक्शंस एक्ट
एसएस वेल्थस्ट्रीट की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने बताया है कि ट्रंप टैरिफ को लेकर फिर से डर पैदा हो गया है और इसी वजह से गुरुवार को मार्केट में गिरावट आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रसिया सैंक्शंस एक्ट (रूस प्रतिबंध अधिनियम) को मंजूरी दे दी है। यह एक्ट रूस से क्रूड ऑयल का आयात करने वाले देशों पर भारी-भरकम ड्यूटी लगाने की इजाजत देता है। एक्ट के तहत रसियन ऑयल का आयात करने वाले देशों पर कम से कम 500 पर्सेंट तक टैरिफ लगाया जा सकता है।कमजोर बाजार में भी रॉकेट बना यह स्मॉलकैप शेयर, 5700% से ज्यादा की आ चुकी है तेजी लगातार बिकवाली कर रहे हैं विदेशी निवेशक के चीफ ग्लोबल स्ट्रैटेजिस्ट अमित गोयल के मुताबिक, भारत सरकार की तरफ से कई कदम उठाए जाने के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) जुलाई 2025 से इंडियन स्टॉक मार्केट में नेट सेलर्स बने हुए हैं। मार्केट, एफआईआई के ट्रेडिंग पैटर्न में बदलाव की उम्मीद कर रहा था, लेकिन यह बेकार गया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की तरफ से कोई सपोर्ट न मिलने की वजह से गुरुवार को बाजार में गिरावट देखने को मिली।
कमोडिटी प्राइसेज में गिरावट
अमित गोयल के मुताबिक, गुरुवार को कमोडिटी प्राइसेज में भी गिरावट आई, जिससे कमोडिटी स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिली। हिन्दुस्तान जिंक के शेयर गुरुवार को 6 पर्सेंट से ज्यादा लुढ़क गए हैं। पिछले 6 महीने में कंपनी के शेयरों में एक दिन में आई यह सबसे बड़ी गिरावट है। हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड के शेयरों में भी 5 पर्सेंट की गिरावट आई है। वेदांता के शेयर भी गुरुवार को लुढ़ककर 595 रुपये पर पहुंच गए।मिनीरत्न कंपनी का खुल रहा IPO, ग्रे मार्केट में दहाड़ रहे शेयर, 49% के ऊपर GMP ट्रेड वार का बढ़ा डर रसियन सैंक्शंस एक्ट (रूस प्रतिबंध अधिनियम) ने नए सिरे से ट्रेड वार का डर खड़ा कर दिया है। एक्ट में रूस से क्रूड ऑयल का आयात करने वाले देशों पर कम से कम 500% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। सुगंधा सचदेवा के मुताबिक, इस रसिया सैंक्शंस एक्ट से दुनिया भर में नए सिरे से ट्रेड वार शुरू होने का खतरा पैदा हो गया है, क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ नाटो देशों को भी धमकी दी है।
दिग्गज शेयरों का अंडरपरफॉर्मेंस
मेगाकैप स्टॉक्स में गुरुवार को भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला। HDFC बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में गिरावट आई। इस हफ्ते की शुरुआत में इन दोनों दिग्गज स्टॉक्स में 4 पर्सेंट तक की गिरावट आई थी। BSE मेटल इंडेक्स में 3 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। IT इंडेक्स भी 1.92 पर्सेंट लुढ़क गया।

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