ड्रोन खरीदी पर 80 प्रतिशत तक अनुदान भी, आत्मनिर्भर बनाने का नवाचार
89 ग्रामीण महिलाओं को दिया ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण, बढ़ गई मासिक आमदनी
भोपाल। एक तरफ ई-रिक्शा से लेकर बस-ट्रक तक महिलाएं चला रही हैं, तो अब नमो ड्रोन दीदी योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिलवाकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है, जिससे कई महिलाओं की मासिक आमदनी कई गुना बढ़ गई। अभी तक 89 महिलाएं यह प्रशिक्षण ले चुकी हैं। इस योजना के तहत ड्रोन खरीदी पर भी कुल लागत का 80 फीसदी अनुदान हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जाता है और सिर्फ 20 फीसदी यानी लगभग 50 हजार रुपए का अंशदान ही करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए प्रारंभ की गई नमो ड्रोन दीदी योजना ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बन रही है। यह योजना महिलाओं को आधुनिक ड्रोन तकनीक से जोडक़र उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मध्यप्रदेश में अब तक 89 ग्रामीण महिलाओं को ड्रोन पायलट का सफल प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उनमें आत्मविश्वास और स्वावलंबन की भावना जागृत हुई है। नमो ड्रोन दीदियां कृषि कार्यों में उर्वरक एवं कीटनाशक छिडक़ाव जैसी सेवाएं प्रदान कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। योजना के तहत ड्रोन खरीद पर कुल लागत का 80 प्रतिशत अनुदान हितग्राहियों को उपलब्ध कराया जा रहा है हितग्राही महिला को केवल 50 हजार रूपये का अंशदान करना होता है। इससे महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं, बल्कि किसानों को भी समय एवं श्रम की बचत के साथ किफायती सेवाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि योजना अंतर्गत प्रदेश में एक हजार से अधिक महिलाओं को ड्रोन प्रशिक्षण एवं ड्रोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। नमो ड्रोन दीदियां किसानों के खेतों में आधुनिक तकनीक से उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिडक़ाव कर रही हैं, जिससे फसलों की उत्पादकता बढ़ रही है और परिचालन लागत कम हो रही है। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के साथ महिलाओं को नई आजीविका के अवसर प्रदान कर रही है। जबलपुर की सपना काछी ने ग्राम गोकलपुर में अपने गांव की महिलाओं के साथ ओम शांति ओम स्व-सहायता समूह बनाया। उन्होंने सिलाई, कृषि और ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण लिया। मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना से प्राप्त आर्थिक सहायता से सिलाई मशीन और सामुदायिक निवेश निधि से प्राप्त राशि से गाय खरीदी। सब्जी उत्पादन, सिलाई और दुग्ध व्यवसाय से उनकी मासिक आय 20-22 हजार रुपए हो गई। ड्रोन तकनीक अपनाने के बाद उनकी आय में और वृद्धि हुई।1200 एकड़ में स्प्रे कर केवल ड्रोन से 2.86 लाख रुपये कमाए, अब उनकी मासिक आय 30-35 हजार रुपये है।

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