एमआरपी से ऊपर शराब बिक्री का खुला खेल,आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल
5 जनवरी को बालाघाट लांझी में आबकारी एक्सपर्ट से ब्लैक डॉग की बोतल पर 200 रुपये अधिक वसूले गए, विरोध पर दुकानदार ने दी धमकी
भोपाल/बालाघाट। मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों में शराब दुकानों पर एमआरपी से अधिक दामों पर शराब बेचे जाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, सागर सहित प्रदेश के लगभग अधिकतर शहरों में शराब व्यापारियों की मनमानी खुलेआम चल रही है। आबकारी विभाग नाक नीचे ओवर रेट का खेल खुलेआम चल रहा है स्थिति यह है कि यदि कोई ग्राहक एमआरपी के अनुसार शराब देने या बिल की मांग करता है, तो उसे शराब दुकानों पर बैठे कथित गुर्गों द्वारा धमकाया जाना आम बात हो गई है। नियमों की बात करने वाले ग्राहकों को डराने और चुप कराने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
बड़े ब्रांड भी ओवररेट , बिल की मांग पर धमकी
5 जनवरी को बालाघाट जिले में इसका ताजा उदाहरण सामने आया, जब एक आबकारी एक्सपर्ट ने शराब दुकान से ब्लैक डॉग ब्रांड की बोतल खरीदी। बोतल का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) करीब 2400 रुपये था, लेकिन दुकानदार ने 2600 रुपये की मांग की। जब ग्राहक ने अधिक दाम वसूलने पर सवाल उठाते हुए बिल मांगा, तो उसे धमकी दी गई। यह घटना आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आखिर शराब दुकानों पर यह खुली लूट किसकी मिलीभगत से चल रही है? नियमों की निगरानी के लिए जिम्मेदार विभाग की चुप्पी संदेह पैदा करती है।
मुख्यमंत्री के आदेश का मखौल धार्मिक स्थलों शराब मिल रही है
इधर, प्रदेश में अवैध शराब का धंधा भी दिन-प्रतिदिन तेजी से फल-फूल रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा 17 धार्मिक स्थलों पर शराबबंदी की घोषणा की गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके ठीक उलट नजर आ रहे हैं। सरकार के दावे और वास्तविकता के बीच बढ़ता अंतर अब जनता के विश्वास पर सवाल खड़े कर रहा है।

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