MP में रिकॉर्डतोड़ ठंड: साल की आखिरी रात भी कंपकंपाती सर्दी
MP News : मध्य प्रदेश में इस साल ठंड ने कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। साल 2025 की आखिरी रात भी प्रदेश में कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के साथ गुजरी। अधिकतर जिलों में सुबह से ही कम विजिबिलिटी और तेज ठंड का असर देखने को मिला। मौसम विभाग की मानें तो नवंबर में ठंड ने 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा, जबकि दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया। अब जनवरी में भी नवंबर-दिसंबर जैसी तीखी सर्दी पड़ने की संभावना जताई गई है।
साल की आखिरी रात को प्रदेश के तीन शहर सबसे ज्यादा ठंडे रहे। कल्याणपुर, नौगांव और खजुराहो में तापमान सबसे नीचे दर्ज किया गया। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया और शहडोल में ठंड और कोहरे का जबरदस्त असर रहा। वहीं इंदौर, भोपाल, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, विदिशा, मंडला और डिंडौरी जैसे जिलों में भी घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया।
MP News के मुताबिक नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी को भी ठंड और कोहरे से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने कई जिलों में घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी जारी की है। वाहन चालकों और आम लोगों को सुबह के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी में कई इलाकों में तापमान माइनस स्तर तक भी पहुंच सकता है। पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी, उत्तर से आ रही ठंडी हवाएं और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण मध्य प्रदेश में सर्दी का असर और बढ़ गया है। सुबह-शाम घना कोहरा और शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही है। MP News के अनुसार आने वाले दिन प्रदेशवासियों के लिए और ज्यादा ठंडे साबित हो सकते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महावीर जयंती पर श्रमण मुनि 108 संभव सागर जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया
केंद्र सरकार का अहम निर्णय: पेट्रोल पंपों से भी मिलेगा केरोसिन
राजनीति में विनम्रता, मर्यादा और अनुशासन आवश्यक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बगावत बर्दाश्त नहीं’ – टिकट विवाद पर Mamata Banerjee सख्त
बिहार को बनाएंगे देश का नंबर-1 प्रदेश – Nishant Kumar की पहली प्रतिक्रिया
एमएसएमई इकाइयां औद्योगिक गतिविधियों का प्रभावी केन्द्र और लाखों परिवारों के स्वावलंबन का हैं आधार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
होर्मुज संकट से हड़कंप: Strait of Hormuz बंद होने से ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा खतरा
अफीम उत्पादकों के लिए खुशखबरी! 1 अप्रैल से शुरू होगी तौल प्रक्रिया, सरकार ने बनाई रणनीति
नक्सलवाद पर संसद में गरजे Amit Shah, कहा– ‘गोली का जवाब गोली से