BMC चुनाव से पहले BJP में शामिल हो सकते हैं NCP के तीन पूर्व MLA
मुंबई। महाराष्ट्र (Maharashtra) के सोलापुर जिले (Solapur district) में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) (Nationalist Congress Party – Ajit Pawar faction) के तीन पूर्व विधायकों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) (Bharatiya Janata Party (BJP) में शामिल होने की अटकलों से पवार खेमे में बेचैनी बढ़ गयी है। पार्टी ने सोलापुर जिले में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए पार्टी नेता और राज्य के कृषि मंत्री दत्तात्रेय भरणे (Dattatreya Bharana) को मंगलवार को जिले के प्रमुख नेताओं से चर्चा करने और उन्हें पार्टी में बने रहने के लिए मनाने के लिए भेजा है।
हाल ही में राकांपा नेता और पूर्व विधायक राजन पाटिल, पूर्व विधायक यशवंत माने और माढा विधायक बबनराव शिंदे के पुत्र रणजीतसिंह शिंदे ने मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की थी। इस मुलाकात की एक तस्वीर वायरल होने के बाद अफवाहें फैल गई हैं कि तीनों भाजपा में शामिल होने वाले हैं। शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता संजय राउत ने स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि इस संदर्भ में मंत्री दत्तात्रेय भरणे का सोलापुर दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच सोलापुर जिले के संरक्षक मंत्री एवं भाजपा नेता जयकुमार गोरे ने पत्रकारों को बताया कि ‘ऑपरेशन लोटस’ शुरू हो गया है और जिले में जल्द ही दिवाली के पटाखे गूंजने लगेंगे। महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि ये दलबदल भाजपा की रणनीति का हिस्सा हैं।

राशिफल 05 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
बैगा अंचल की संस्कृति से प्रभावित हुई नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर टीम, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन को बताया अद्भुत
पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में 206 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- डेका’
मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं - राज्यपाल रमेन डेका
भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप बनाये नियम : मंत्री विजयवर्गीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस पर करेंगे "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ
नैनो उर्वरकों से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत में अधिक उत्पादन की नई राह