अभिनय के बाद क्या राजनीति में दिखेंगे मनोज बाजपेयी? वीडियो वायरल होते ही सामने आई सच्चाई
मुंबई: बॉलीवुड के बेहतरीन अभिनेताओं में शुमार मनोज बाजपेयी एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी किसी फिल्म या परफॉर्मेंस की नहीं, बल्कि एक फेक वीडियो है जिसने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। बिहार विधानसभा चुनावों से पहले वायरल हुए इस वीडियो ने कई लोगों को भ्रमित कर दिया। वीडियो में मनोज बाजपेयी को एक राजनीतिक दल का समर्थन करते दिखाया गया, जबकि असलियत कुछ और ही थी।
चुनावी मौसम में फैलाई गई झूठी अफवाह
जैसे-जैसे बिहार में चुनावी हलचल तेज हो रही है, वैसे-वैसे सोशल मीडिया पर भी अफवाहों का बाजार गर्म है। इसी बीच एक एडिटेड वीडियो क्लिप सामने आई जिसमें ऐसा प्रतीत हो रहा था कि अभिनेता मनोज बाजपेयी किसी राजनीतिक दल का प्रचार कर रहे हैं। बाद में जांच में पता चला कि यह क्लिप एक पुराने विज्ञापन की है जिसे तोड़-मरोड़कर गलत संदर्भ में पेश किया गया था।
अभिनेता ने खुद इस वीडियो पर नाराजगी जताते हुए अपने आधिकारिक अकाउंट से बयान जारी किया। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा, 'यह वीडियो पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। यह मेरे द्वारा कुछ साल पहले किए गए एक ऐड का गलत इस्तेमाल है। मेरा किसी भी राजनीतिक पार्टी से कोई संबंध नहीं है।'
'सत्य और असत्य में फर्क समझें'
मनोज बाजपेयी ने लोगों से अपील की कि वो ऐसे भ्रामक वीडियो को साझा न करें और बिना सच्चाई जांचे किसी भी सामग्री पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में किसी की भी छवि को बिगाड़ना बहुत आसान हो गया है, लेकिन दर्शकों की जिम्मेदारी है कि वे सच को पहचानें।
अभिनेता ने आगे लिखा कि इस तरह की हरकतें न केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाती हैं बल्कि आम जनता को भी गुमराह करती हैं। उन्होंने कहा कि इस समय चुनावी माहौल में सच्चाई से भटकाने वाली सूचनाएं समाज के लिए खतरनाक हैं।
बॉलीवुड में बढ़ रही है डिजिटल सुरक्षा की चिंता
मनोज बाजपेयी का मामला कोई पहला नहीं है। हाल के महीनों में कई अन्य सितारों को भी अपनी पहचान और छवि की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने पड़े हैं। ऋतिक रोशन, करण जौहर, सुनील शेट्टी, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और अक्षय कुमार जैसे कलाकारों ने भी हाल ही में अपने 'पब्लिसिटी राइट्स' को सुरक्षित करवाया है ताकि उनकी छवि का बिना अनुमति व्यावसायिक या राजनीतिक उपयोग न किया जा सके।

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