बेंगलुरु में रोबोट की मदद से चमत्कार, 90 साल के बुजुर्ग को गाल ब्लैडर का ऑपरेशन कर मिला जीवनदान
नई दिल्ली । बुजुर्गों (Elderly people) की सर्जरी (surgery) करना मेडिकल साइंस (Medical Science) के लिए बड़ी चुनौती मानी जाती है। वह भी अगर किसी की उम्र 90 के आसपास पहुंच गई हो तो अकसर डॉक्टर सर्जरी करने को तैयार नहीं होते। वहीं बेंगलुरु में रोबोट (Robot) की मदद से चमत्कार ही हो गया। यहां 90 साल के रामारेतिनाम संथानम की सफल सर्जरी की गई और वह अब एकदम स्वस्थ हैं। इतनी ज्यादा उम्र में ऑपरेशन करने के बाद किसी के स्वस्थ होने का यह अनोखा मामला है।
जानकारी के मुताबिक बुजुर्ग को पेट के ऊपरी हिस्से में जबरदस्त दर्द और उल्टियों की वजह से अस्पताल लाया गया था। उनकी हालत बिगड़ती ही जा रही थी। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि उनके गालब्लैडर में ब्लड की सप्लाई रुक गई और इस वजह से ऊतक लगातार मर रहे हैं। इसी वजह से गालब्लैडर में कई पथरियां बन गई हैं। डॉक्टरों ने कहा कि अगर तत्काल सर्जरी नहीं की गई तो उनकी मौत भी हो सकती है।
इसके बाद रोबोटिक और जनरल सर्जन डॉ. जावेद हुसैन ने उनकी सर्जरी करने का फैसला किया। 90 साल की उम्र और दिल की बीमारियों के चलते रिस्क और भी ज्यादा था। बुजुर्ग को ती बना स्टेंट पड़ चुके थे। डॉ. ने एडवांस दा विंची रोबोटिक सर्जरी सिस्टम के जरिए ऑपरेशन किया। इसमें कार्डियक टीम भी पूरी मदद में लगी हुई थी।
डॉक्टर जावेद ने ब ताया. इस उम्र में कोई भी मेडिकल प्रक्रिया बहुत चुनौतीपूर्ण होती है। हालांकि तकनीक की वजह से काफी मदद मिलती है। दा विंची रोबोट ने ऑपरेशन में सफाई और नियंत्रण का काम किया। इसके बाद गालब्लैडर को बाहर निकाल दिया गया। बुजुर्ग को ज्यादा ब्लीडिंग भी नहीं हुई। दो दिन के बाद ही वह खतरे से बाहर आ गए और हंसने-बोलने लगे।

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