हाईकोर्ट ने बताया क्या सही, क्या गलत – WhatsApp संदेशों को लेकर अहम फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि व्हाट्सअप किसी विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने वाले मैसेज भेजना अब अपराध की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने साफ किया कि ऐसा कोई भी संदेश जो धर्म के आधार पर घृणा दुश्मनी या दुर्भावना फैलाता हो, वो भारतीय न्याय संहिता की धारा 353 दो के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। हाईकोर्ट के जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की बेंच ने एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की। दरअसल अफाक अहमद नाम के शख्स ने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। शख्स पर WhatsApp पर कई लोगों को भड़काऊ मैसेज भेजने का आरोप है।

राशिफल 05 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
बैगा अंचल की संस्कृति से प्रभावित हुई नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर टीम, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन को बताया अद्भुत
पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में 206 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- डेका’