छतरपुर हादसा: ओवरलोड ट्रक की वजह से पुल ध्वस्त, बड़ा नुकसान टला
छतरपुर : मध्य प्रदेश और यूपी की सीमा पर बना केन नदी का पुल डंपर निकलने से टूट गया. ये हादसा उस वक्त हुआ जब रेत भरा ओवरलोड डंपर पुल से गुजरा. इसी दौरान ब्रिज का हिस्सा धंसकर टूट गया और डंपर हवा में लटक गया. मौका देख ड्राइवर अपनी जान बचाकर ट्रक से कूद गया. जानकारी लगते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद ट्रक को निकालने का कार्य शुरू हो सका.
एमपी-यूपी के 15 गांवों का संपर्क टूटा
एमपी यूपी बॉर्डर से लगे गौरिहार, बारीगढ़ रास्ते पर यह घटना मंगलवार सुबह की है. जब ओवरलोड रेत से भरे डंपर ट्रक निकलने के दौरान पुल धंसने लगा और टूट गया. हादसे में पुल दो टुकड़ों में बट गया, जिससे इस मार्ग पर पूरी तरह से यातायात रूक गया. इससे यूपी एमपी के 15 गांव का सीधा सम्पर्क टूट गया.
क्रेन की मदद से निकाला गया ट्रक
हादसे के तुरंत बाद डंपर के ड्राइवर और क्लीनर ने मौका देखकर कूदकर अपनी जान बचाई और मौके से भाग निकले. डंपर को निकालने के लिए दो क्रेन मशीन बुलाई गई और भारी मशक्कत के बाद ट्रक को बाहर निकाला गया. स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी महेंद्र प्रजापति ने बताया, '' पुल टूटने से गौरिहार और बारीगढ़ के बीच सीधा संपर्क टूट गया है, अब लोगों को गौरिहार से बांदा जाने के लिए 15 किलोमीटर लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, इस रास्ते से जुड़ी करीब 15 से 20 ग्राम पंचायतों के लोग आने जाने में परेशानी उठा रहे हैं.''
कई दिनों से गुजर रहे थे रेत के डंपर
स्थानीय लोगों ने बताया कि अब पलटा खड्डी या लवकुशनगर होते हुए बसंतपुर-तिगेला होकर गौरिहार पहुंच सकेंगे जो काफी दूर पड़ता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रूट से ओवरलोडेड रेत के डंपर कई दिनों से यूपी की ओर जा रहे थे और पुराना पुल ये लोड सहन नहीं कर पाया जिस वजह से हादसा हुआ है.
इस घटना को लेकर लवकुश नगर SDOP नवीन दुबे ने कहा, '' जानकारी आई है और घटना स्थल पर पुलिस टीम को भेजा गया मामले की जांच पड़ताल की जा रही है. वही जुझारनगर थाना प्रभारी राजेंद्र जाटव ने बताया, '' डंपर किसी गजेंद्र साहू का बताया गया है, जो रेत लेकर जा रहा था. हादसे में पुराना पुल टूट गया है. डंपर निकालने के लिए दो क्रेन मशीन लगाई गई हैं. जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी.''

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