कब शुरू होगी शारदीय नवरात्रि? क्या है इस बार माता दुर्गा की सवारी?
सनातन धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है. वैसे तो साल में चार बार नवरात्रि मनाई जाती है,जिसमें दो गुप्त नवरात्रि होती हैं, एक शारदीय नवरात्रि और एक चैत्र नवरात्रि होती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, नवरात्रि के दिनों में माता रानी के विभिन्न स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. नवरात्रि में लोग अपने घरों में माता दुर्गा की विशाल प्रतिमा की स्थापना करते हैं और बड़े-बड़े दुर्गा पंडाल सजाए जाते हैं. आइए, इस रिपोर्ट में जानते हैं कि शारदीय नवरात्रि कब से शुरू हो रही है, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है और माता रानी की सवारी किस पर होंगी.
कि हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन माह की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्रि प्रारंभ होगी और नवमी तिथि को समापन होगा. इस साल शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से होगी और इसी दिन कलश स्थापना भी की जाएगी. 30 सितंबर को महा अष्टमी है और 1 अक्टूबर को महानवमी है. वहीं 2 अक्टूबर को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाएगा. नवरात्रि में घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 6:09 से लेकर 8:06 तक रहेगा, जबकि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:49 से लेकर 12:38 तक रहेगा.
कैसे होता है माता की सवारी का निर्धारण?
पंडित कल्कि राम बताते हैं नवरात्रि के दौरान माता की सवारी दिन के अनुसार तय होती है. अगर नवरात्रि की शरुआत रविवार और सोमवार से होती है तो माता की सवारी हाथी होती है. मंगल और शनि के दिन नवरात्रि की शुरुआत हो रही हो तो माता की सवारी घोड़ा होता है. वहीं गुरु और शुक्रवार को अगर नवरात्रि की शुरुआत हो तो माता की सवारी डोली या पालकी होती है. साल 2025 में नवरात्रि की शुरुआत सोमवार के दिन हो रही है, इसलिए माता की सवारी हाथी होगी.

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