बैटिंग छोड़ बनेंगे वॉटर बॉय? दुबई में रिंकू सिंह की मुश्किलें
नई दिल्ली : रिंकू सिंह को यूपी क्रिकेट का किंग कहा जाए तो ये गलत नहीं होगा. उत्तर प्रदेश प्रीमियर लीग 2025 के 9वें मैच में रिंकू ने इसे साबित भी किया. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने गौर गोरखपुर लायंस के खिलाफ सिर्फ 48 गेंदों में 108 रन बनाकर इसका सबूत पेश किया. रिंकू सिंह ने अपनी इस शतकीय पारी में 8 छक्के और 7 चौके लगाए. वैसे रिंकू सिंह की ये पारी इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि उन्होंने एशिया कप से ठीक पहले अपना जलवा दिखा दिया है. रिंकू सिंह को भी एशिया कप के लिए 15 सदस्यीय टीम में चुना गया है. लेकिन यहां सवाल ये है कि रिंकू सिंह को इस शतकीय पारी का इनाम भी मिलेगा, या फिर वो दुबई में सिर्फ पानी ही पिलाते नजर आएंगे?
रिंकू सिंह को शतक का फायदा नहीं मिलेगा!
रिंकू सिंह को उनकी मैच फिनिश करने की काबिलियत के लिए जाना जाता है और इसीलिए उनका चयन एशिया कप के लिए टीम इंडिया में हुआ है. लेकिन एक कड़वी हकीकत ये भी है कि रिंकू सिंह के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बना पाना लगभग नामुमकिन है. रिंकू सिंह जिस नंबर पर खेलते हैं, वहां टीम इंडिया ऑलराउंडर्स को खिलाना पसंद करती है. जिसमें हार्दिक पंड्या, अक्षर पटेल और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ी शामिल हैं. ये तीनों खिलाड़ी भी फिनिशर की भूमिका में रहते हैं, साथ ही वो गेंदबाजी भी करते हैं. इसके साथ-साथ जितेश शर्मा भी फिनिशर के तौर पर टीम में हैं और वो विकेटकीपर भी हैं. मतलब नंबर 5 से लेकर नंबर 8 तक ऑलराउंडर्स को मौका मिलना तय है, ऐसे में रिंकू सिंह शायद एशिया कप में एक बैकअप खिलाड़ी के तौर पर ही रहेंगे और शायद आप उन्हें मैचों में अपने साथियों को पानी पिलाते या फिर उनकी मदद करते हुए देखेंगे.
रिंकू ने गेंदबाजी भी शुरू की
वैसे रिंकू सिंह ने गेंदबाजी करनी भी शुरू कर दी है. यूपी टी20 लीग में दो मैचों में उन्होंने गेंदबाजी भी की और वो एक विकेट लेने में कामयाब भी रहे. मतलब रिंकू सिंह ये बात तो समझ गए हैं कि उन्हें टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में अगर जगह बनानी है तो इसके लिए उन्हें गेंदबाजी का ऑप्शन भी टीम को देना होगा. लेकिन उनका मुकाबला उन ऑलराउंडर्स से है जो काफी समय से खुद को साबित करते आ रहे हैं, ऐसे में एशिया कप में रिंकू की राह काफी मुश्किल है.

राशिफल 05 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
बैगा अंचल की संस्कृति से प्रभावित हुई नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर टीम, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन को बताया अद्भुत
पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में 206 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- डेका’
मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं - राज्यपाल रमेन डेका
भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप बनाये नियम : मंत्री विजयवर्गीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस पर करेंगे "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ
नैनो उर्वरकों से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत में अधिक उत्पादन की नई राह