उपराष्ट्रपति आवास से निकलने के बाद अब कहां रहेंगे जगदीप धनखड़?
नई दिल्ली। 21 जुलाई को स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अचानक इस्तीफे के बाद उनके ठिकाने को लेकर विपक्षी दलों की तरफ से लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। हाल ही में इसको लेकर भी जानकारी सामने आ गई। वह फिलहाल उपराष्ट्रपति के आधिकारिक आवास उपराष्ट्रपति एन्क्लेव में ही रह रहे हैं, लेकिन जल्द ही उन्हें नए आवास में शिफ्ट किया जाएगा। केंद्र सरकार ने उनके लिए बंगला ढूंढने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इतना तय है कि उन्हें दिल्ली के लूटियंस जोन में ही कोई बड़ा सा बंगला दिया जाएगा।
इस्फेफ़े के बाद से न तो उन्होंने सार्वजनिक रूप से कोई बयान दिया है और न ही उन्हें किसी कार्यक्रम में देखा गया। हाल ही में राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने सरकार और खासकर गृह मंत्री अमित शाह से जगदीप धनखड़ का पता पूछा था। हाल ही में जह इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार को लेकर कांग्रेस से साल किया गया तो उसने धनखड़ का पता पूछ दिया था। पवन खेड़ा ने कहा था, “धनखड़ साहब का पता चला क्या, कि आजकल वो कहां है। हम सही वक्त पर हम उम्मीदवार की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि अभी इतनी जल्दी क्या है। अभी तो वे लोग भी नहीं तय कर पाए हैं कि उनका उपराष्ट्रपति पद के लिए कौन उम्मीदवार कौन होगा। इस मामले में आरएसएस, चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार सभी की अपनी राय है। उन्होंने कहा, भाजपा में भी दो-तीन अलग-अलग समूह बन चुके हैं। पहले उन्हें तय करने दीजिए कि वह क्या करने वाले हैं।
बता दें कि धनखड़ अपने कार्यकाल के दौरान कई मुद्दों पर मुखर रहे, खासकर न्यायपालिका से जुड़े विषयों पर। उनके अचानक इस्तीफे के बाद विपक्षी सांसद लगातार उनके ठिकाने और हालात को लेकर सवाल उठा रहे थे। इस बीच, राज्यसभा सचिवालय ने 6 अगस्त को आदेश जारी कर कौस्तुभ सुधाकर भालेकर को पूर्व उपराष्ट्रपति का निजी सचिव नियुक्त किया है। भालेकर इससे पहले धनखड़ के वरिष्ठ निजी सचिव के रूप में कार्यरत थे।

राशिफल 06 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं
राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम
राज्य वित्त आयोग 6 जून को करेगा नर्मदापुरम का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव
पर्यावरण दिवस पर मार्कफेड में वृक्षारोपण
‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत एनआईबीएसएम द्वारा हरी खाद तकनीक का सजीव प्रदर्शन
ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्यवधानों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना की
हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’