महाकाल की नगरी में गूंजे हर हर महादेव, सीएम मोहन यादव ने कांवड़ यात्रा की शुरुआत की
उज्जैन: श्रावण महीने की आज से शुरूआत हो गई है. विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल की नगरी उज्जयनी में कांवड़ यात्रियों का प्रवेश शुरू हो गया है. श्रावण महीने के पहले दिन महाकाल की नगरी में समर्पण कांवड़ यात्रा के नाम से कांवड़िए बोल बम के जयकारे लगाते हुए महामंडलेश्वर स्वामी उत्तम महाराज के नेतृत्व में पहुंचे. यात्रा में बच्चे, महिलाएं, युवा, बुजुर्ग सभी शामिल हैं. कांवड़ यात्रा पहुंचने पर सीएम मोहन यादव ने कांवड़ पूजन कर उनका स्वागत सत्कार किया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उठाई कांवड़
कांवड़ यात्रा के उज्जैन शहर में प्रवेश करते ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कावड़ यात्रियों का स्वागत सत्कार किया. उन्होंने सबसे पहले कांवड़ का पूजन किया इसके बाद सीएम मोहन यादव कांवड़ लेकर कुछ दूर पैदल चले. उन्होंने कांवड़ियों के साथ बोल बम के जयकारे भी लगाए. मुख्यमंत्री ने कावड़ यात्रा में शामिल कावड़ियों को संबोधित कर उनका उत्साह बढ़ाया.
'सरकार कांवड़ यात्रियों के लिए करेगी व्यवस्था'
सीएम मोहन यादव ने कांवड़ यात्रियों को संबोधित करते हुए कहा "वैसे तो समाज ही सक्षम है. कभी सरकार का सहारा समाज को नहीं लेना पड़ता. लेकिन मध्य प्रदेश सरकार कांवड़ यात्रियों के लिए हर व्यवस्था करेगी. कांवड़ यात्री जहां से भी प्रदेश में प्रवेश करेंगे और जहां तक उनको जाना वहां तक के सारे प्रबंधन में सरकार मदद करेगी. किसी प्रकार की व्यवस्था हो, आश्रय स्थान से लेकर जब जहां जो आवश्यकता होगी सरकार साथ खड़ी है."
उत्तम स्वामी महाराज के नेतृत्व में कांवड़ यात्रा
पहले दिन उज्जैन पहुंची कांवड़ समर्पण यात्रा के नाम से जानी जाती है, जो महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज के नेतृत्व में उज्जैन में प्रवेश किया. ये यात्रा शनि मंदिर से नानाखेड़ा, सिंधी कॉलोनी होते हुए हरिफाटक ब्रिज से महाकाल मंदिर पहुंचेगी.
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा "पावन पवित्र श्रावण माह में उज्जैन में महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी जी के नेतृत्व में निकलने वाली ये कांवड़ यात्रा है, जिसे वर्षों पूर्व शुरू किया गया था. सावन का पहला दिन सब कुछ अद्भुत है. कई प्रकार की संस्कृति हमारे देश में जो शिक्षा देती है. जल के माध्यम से कोई देश संकल्प नहीं लेता लेकिन भारत एक मात्र ऐसा देश है जहां जल लेकर संकल्प लिया जाता है. जल का महत्व वैज्ञानिक भी जानते हैं."
'गांव के कुएं और बावड़ियों का है जल'
महामंडलेश्वर उत्तम स्वामी महाराज ने कहा "सीएम मोहन यादव, रामभागवत, ओम जैन और हम सभी ने 11 साल पहले इस यात्रा की शुरूआत की थी जो आज भव्य रूप में नजर आ रही है. ये जल कांवड़ यात्री किसी नदी से नहीं लाए है बल्कि ये जल गांव के कुएं, तालाब, बावड़ी से लाया गया जल है. गांव, शहर, प्रदेश, देश के विकास और समृद्धि की कामना लिए ये सभी कांवड़ यात्री आए हैं. गांव का जल महाकाल को अपर्ण करने से उस गांव में उन्नति और खुशहाली आती है."

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