गर्मी से बेहाल रायपुर, मानसून की एंट्री में हो रही देरी
रायपुर: रायपुर में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, राजधानी रायपुर में आने वाले कुछ दिनों तक गर्मी लगातार बढ़ेगी, क्योंकि दक्षिण-पश्चिम मानसून फिलहाल दंतेवाड़ा में अटका हुआ है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि दंतेवाड़ा में मानसून 11 जून तक रुका रहेगा।
इसके पीछे मुख्य कारण 59 डिग्री पूर्व और 27 डिग्री उत्तर में स्थित एक पश्चिम विक्षोभ है, जिसके प्रभाव से हवा की दिशा में बदलाव आ गया है। इस बदलाव के कारण मानसूनी हवा की गति प्रभावित हुई है और वे आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। हालांकि, 11 जून के बाद बंगाल की खाड़ी में एक नया मानसूनी सिस्टम बनने की संभावना है। इस सिस्टम के बनने से अटके हुए मानसून को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी, जिससे छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में बारिश की शुरुआत हो सकती है।
तापमान और बढ़ने की आशंका
वर्तमान स्थिति की बात करें तो, बीते सोमवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से अधिक था। आने वाले दिनों में यह तापमान और बढ़ने की आशंका है, जब तक कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया मानसूनी सिस्टम सक्रिय होकर बारिश की शुरुआत नहीं कर देता।
देर तक रहेगा मानसून
इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून ने सामान्य तारीख से पहले केरल में दस्तक दे दी है। अमूमन एक जून को केरल पहुंचने वाला मानसून, इस बार आठ दिन पहले यानी 24 मई को ही वहां पहुंच गया। अगर मानसून अपने सामान्य वापसी की तारीख 15 अक्टूबर पर ही लौटता है, तो इस साल मानसून की कुल अवधि 145 दिन होगी।

राशिफल 05 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
बैगा अंचल की संस्कृति से प्रभावित हुई नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर टीम, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन को बताया अद्भुत
पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में 206 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- डेका’
मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं - राज्यपाल रमेन डेका
भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप बनाये नियम : मंत्री विजयवर्गीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस पर करेंगे "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ
नैनो उर्वरकों से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत में अधिक उत्पादन की नई राह