बाउल में सॉल्ट रखने से पहले जान लें ये बात, हफ्तों और महीनों नमक रखने से नहीं हटेगी नेगेटिव एनर्जी
जो लोग बिना जांचे-परखे अपनाने लगते हैं. उन्हीं में से एक है “नमक से नेगेटिव एनर्जी हटाने का उपाय.” आपने भी कई वेबसाइट्स में देखा होगा कि लोग अपने बाथरूम, टॉयलेट या कमरे के किसी कोने में एक कटोरी में नमक भरकर रखते हैं और मानते हैं कि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि इसका सही तरीका क्या है? क्या इसे हमेशा वैसे ही छोड़ देना चाहिए? इस विषय में अधिक जानकारी दे रहे हैं वास्तु विशेषज्ञ एवं न्यूमेरोलॉजिस्ट हिमाचल सिंह.
दरअसल, नमक में एक खासियत होती है कि वह आसपास के वातावरण में मौजूद नकारात्मक तत्वों को सोख लेता है. वैज्ञानिक भाषा में कहें तो नमक नमी और हवा में मौजूद कुछ तरह के आयन को अपनी ओर खींचता है, जिससे माहौल थोड़ा हल्का और साफ़ महसूस होता है. यही वजह है कि कई लोग इसे नेगेटिव एनर्जी खींचने वाला मानते हैं.
लेकिन यहां एक बड़ी बात जानना जरूरी है-यह उपाय अगर सही तरीके से न किया जाए, तो इसका उल्टा असर भी हो सकता है.
कैसे करें सही तरीका इस्तेमाल?
अगर आप नमक को कटोरी में भरकर किसी कोने या टॉयलेट में रखते हैं, तो ध्यान रखें कि उसे ज्यादा समय तक वहीं न छोड़ें. अधिकतर लोग इसे कई-कई दिनों तक उसी जगह रखे रहते हैं, जो कि बिल्कुल गलत तरीका है. विशेषज्ञों की मानें तो नमक को 30 मिनट से ज्यादा न रखा जाए. आधे घंटे के भीतर वह अपने चारों ओर की नकारात्मक ऊर्जा को खींच लेता है, लेकिन अगर इसे लंबे समय तक छोड़ दिया जाए, तो वह वही नकारात्मक ऊर्जा वापस हवा में छोड़ने लगता है. इससे माहौल और ज़्यादा भारी हो सकता है.
इसलिए सही तरीका यही है कि नमक की कटोरी को रखकर 30 मिनट के बाद उसे नाली में बहा दें या फेंक दें. हर बार नया नमक इस्तेमाल करें और पुराने को दोबारा उपयोग में न लाएं. इसे सप्ताह में एक या दो बार करना काफी होता है.
कहां रखें कटोरी?
अगर आप यह उपाय करना चाहते हैं, तो बाथरूम, टॉयलेट या किसी ऐसे कोने में रखें जहां सूरज की सीधी रोशनी न आती हो. कोशिश करें कि यह कटोरी किसी ऊंची जगह पर हो और बच्चों या पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रहे.

राशिफल 05 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
महतारी वंदन योजना बनी महिलाओं के आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता का आधार
बैगा अंचल की संस्कृति से प्रभावित हुई नेशनल जियोग्राफी ट्रैवलर टीम, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण जीवन को बताया अद्भुत
पुलिस प्रशिक्षण शाला उज्जैन में 206 नव आरक्षकों का दीक्षांत समारोह संपन्न
स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्य समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएँ : उप मुख्यमंत्री शुक्ल
पर्यावरण संरक्षण के लिए जन जागरूकता बढ़ाएं- डेका’
मेडिटेशन को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं - राज्यपाल रमेन डेका
भारत सरकार के मॉडल फायर एक्ट के अनुरूप बनाये नियम : मंत्री विजयवर्गीय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव विश्व पर्यावरण दिवस पर करेंगे "एक पेड़ माँ के नाम 2.0" अभियान का शुभारंभ
नैनो उर्वरकों से बदल रही खेती की तस्वीर : कम लागत में अधिक उत्पादन की नई राह