इन दो दिग्गज क्रिकेटरों ने खेल को अलविदा कहा
ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। अब वह अपना ध्यान टी20ई पर केंद्रित करेंगे, विश्व कप 2026 में होना है। मैक्सवेल ने अंतिम बार कदिवसीय अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट की बात करें तो इस साल चैंपियंस ट्रॉफी खेला था। चैंपियंस ट्रॉफी के बाद वह आईपीएल 2025 में उतरे लेकिन चोट के कारण कुछ ही मैचों के बाद बाहर हो गये थे।
2012 में एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने वाले मैक्सवेल दो बार विश्वकप विजेता टीम के सदस्य रहे हैं। उन्होंने अपने करियर के दौरान 149 एकदिवसीय मैचों में 4000 रन बनाए हैं। वहीं 79 विकेट लिए हैं। मैक्सवेल बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनो में ही समान रुप से प्रभावी रहे हैं। अफगानिस्तान के खिलाफ 2023 विश्व में में उन्होंने कठिन हालातों में दोहरा शतक लगाया था। मैक्सवेल ने अपने संन्यास को लेकर मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली को भी पहले ही जानकारी दे दी थी। फरवरी-मार्च में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान मैक्सवेल ने कहा था कि वह 2027 एकदिवसीय विश्व कप तक नहीं खेल पाएंगे ऐसे में उनके लिए आगे खेलना बेकार है। मैक्सवेल ने कहा, मैंने उसी समय उनसे कह दिया था कि मुझे नहीं लगता कि मैं 2027 एकदिवसयी विश्व कप में खेल सकूंगा।
मैक्सवेल ने कहा कि अब समय आ गया है कि वह युवाओं को अवसर दे ताकि भविष्य के लिए टीम तैयार हो सके। साथ ही कहा कि अब मेरी जगह पर उन युवाओं के लिए योजना बनाई जाए जिन्हें 2027 विश्व कप के लिए स्थान मिलेगा। मैक्सवेल ने अपने करियर के दौरान 3990 रन, 4 शतक और 23 अर्धशतकों के साथ बनाए हैं। वहीं 201 रन उनका सबसे अधिक स्कोर है।
हेनरिक क्लासेन :
दक्षिण अफ्रीका के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। क्लासेन ने कहा है कि अब वह अपने परिवार के साथ समय बिताना चाहते हैं। क्लासेन ने पहले ही टेस्ट प्रारुप से भी संन्यास ले लिया था। उन्होंने केवल चार टेस्ट मैच खेले थे। । क्लासेन ने दक्षिण अफ्रीका के लिए अपना अंतिम एकदिवसीय मैच इसी साल मार्च में खेला था। क्लासेन ने संन्यास की घोषणा करते हुए सोशल मीडिया में पोस्ट किया , “यह मेरे लिए कठिन दिन है। मैं इसी दिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के फैसला की घोषणा करता हूं। मुझे यह तय करने में काफी समय लगा कि भविष्य में मेरे और मेरे परिवार के लिए क्या सबसे अच्छा रहेगा। यह सच में एक बहुत ही दुखी करने वाला फैसला था पर मैं इसी सही मानता हूं। पहले दिन से ही, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान था। यह वह सब कुछ था, जिसके लिए मैंने एक युवा लड़के के रूप में काम किया था और जिसके बारे में सपना देखा था। देश की ओर से खेलना मेरे करियर का सबसे बड़ा सम्मान था और हमेशा रहेगा।
क्लासेन ने कहा कि मैं अपने परिवार के साथ अधिक समय बिताने के लिए उत्सुक हूं, क्योंकि यह फैसला मुझे ऐसा करने की अनुमति देगा। मैं हमेशाअपनी टीम का समर्थक रहूंगा। मैं करियर के दौरान मुझे और मेरे साथियों का समर्थन करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद देना चाहूंगा।
33 साल के क्लासेन ने साल 2018 में अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। क्लासेन ने 4 टेस्ट मुकाबलों में 104 रन बनाये जबकि 60 एकदिवसीय मुकाबलों में उन्होंने 4 शतक और 11 अर्धशतक की मदद से 2,141 रन बनाये। इस खिलाड़ी ने 58 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में 1,000 रन बनाए हैं।
क्लासेन को मध्य क्रम के रूप में उनके आक्रामक छक्कों के लिए जाना जाता है। क्लासेन टी20 विश्व कप-2024 में उपविजेता रही दक्षिण अफ्रीकी टीम के सदस्य भी थे।

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