राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के बाद सूरत के डायमंड कारोबारी क्यों चर्चा में
अहमदाबाद । अयोध्या के राम मंदिर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के बाद सूरत के डायमंड कारोबारी मुकेश पटेल चर्चा में आ गए हैं। सूरत के कारोबारी ने राम दरबार के लिए हीरे के आभूषण दान किए हैं। बीते साल उन्होंनें राम मंदिर ट्रस्ट को हीरे जड़ित मुकुट डोनेट किया था। अब उन्होंने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास को 11 मुकुट सहित सोने का धनुष और बाण दान किया। इसके साथ उन्होंने हार, झुमके, माथे के तिलक (देवता के लिए सजावटी निशान), रामायण में चार भाइयों का प्रतिनिधित्व करने के लिए चार बड़े और तीन छोटे धनुष, चार तरकश, तीन गदाएं और औपचारिक मक्खी दान की हैं। अयोध्या राम मंदिर में पिछले साल 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। गौरतलब हो कि अयोध्या राममंदिर के निर्माण में 45 किलोग्राम (24 कैरेट) को इस्तेमाल किया गया है। जिसकी कीमत 50 करोड़ रुपये हैं।
सूरत निवासी मुकेश भाई पटेल ग्रीन लैब डायमंड के मालिक हैं। ग्रीन लैब डायमंड कंपनी के मुकेश ने अपने परिजनों और कंपनी में परामर्श करने के बाद तय किया कि भगवान श्री राम के लिए सोना और अन्य रत्नों से जड़ित मुकुट अर्पण किया जाएगा। भगवान रामलला की मूर्ति के मुकुट के माप के लिए कंपनी के दो कर्मचारी अयोध्या आए थे। कंपनी के कर्मचारी मूर्ति का माप लेकर सूरत आए और उसके बाद मुकुट बनाने का काम शुरू हुआ था। सूरत के डायमंड कारोबारी मुकेश ने अपनी ग्रीन लैब डायमंड कंपनी में ही सोना, डायमंड, और नीलम जड़ित कुल 6 किलो वजन वाला भगवान रामलला के लिए मुकुट तैयार कराया। उन्होंने यह मुकुट और आभूषण पिछले साल ही दान कर दिए थे। राम मंदिर में राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा के बाद मुकेश पटेल फिर से सुर्खियों में आ गए हैं।
बीते साल गुजरात के डायमंड कारोबारी मुकेश पटेल परिवार के साथ रामलला मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह से एक दिन पहले ही अयोध्या पहुंच गए थे। मुकेश पटेल ने मंदिर के मुख्य पुजारी को गर्भ गृह में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट को भगवान श्री रामलला के लिए तैयार किए गए सोने और अन्य आभूषण जड़ित मुकुट को भेंट किया था। विहिप के कोषाध्यक्ष दिनेश नेवडिया के अनुसार दान में हीरे, सोने, चांदी और माणिक से बनी वस्तुएं शामिल हैं। मुकेश पटेल ने 1000 कैरेट हीरे, 30 किलोग्राम चांदी, 300 ग्राम सोना और 300 कैरेट माणिक से बने 11 मुकुट दान किए हैं। इसके अलावा उन्होंने हार झुमके, टीके, श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के चार बड़े और तीन छोटे धनुष, चार तरकश और तीन गदा दान किए हैं। इन वस्तुओं को एक विशेष विमान से अयोध्या ले जाया गया।

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