पोलाची दुष्कर्म: सालों चली कानूनी लड़ाई के बाद आखिरकार दोषियों को मिली उम्रकैद की सजा
कोयंबटूर । तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुए पोलाची दुष्कर्म केस ने सभी को झकझोर कर रख दिया था। इस मामले में 6 साल बाद कोर्ट का फैसला आया है। कोयंबटूर की महिला अदालत ने सभी 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है।
कोयंबटूर महिला अदालत की जज आर. नंदिनी देवी ने 9 आरोपियों को दोषी बताते हुए आजीवन कारावास यानी उम्रकैद की सजा सुनाई है।
कॉलेज छात्राओं को बनाया शिकार
2016 से 2018 तक चले पोलाची दुष्कर्म के सभी 9 लोगों पर आपराधिक साजिश रचने, बलात्कार, गैंग रेप, ब्लैकमेलिंग समेत पैसे मांगने के आरोप लगे हैं। आरोपियों ने ज्यादातर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं को अपना निशाना बनाया था।
2019 में सामने आया केस
2019 में यह मामला तब सामने आया, जब कॉलेज में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद लगातार 9 महिलाओं ने पुलिस को ऐसी ही आपबीती सुनाई। पोलाची दुष्कर्म केस में 9 आरोपियों के नाम सामने आए थे।
क्या है पूरा दुष्कर्म मामला?
पोलाची दुष्कर्म केस में शामिल 9 लोगों पर आरोप था कि उन्होंने न सिर्फ कई महिलाओं और कॉलेज छात्राओं का बलात्कार किया, बल्कि उनका अश्लील वीडियो भी बना लिया। इसके बाद आरोपी लगातार पीड़िताओं को ब्लैकमेल करके उनका गैंगरेप करते और वीडियो अपलोड न करने के लिए पैसे वसूला करते थे। यह सिलसिला 2016 से 2018 तक चला।
CBI ने की थी जांच
पोलाची दुष्कर्म सामने आने के बाद पूरे देश में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने यह केस सीबीसीआईडी को सौंपा, जिसके बाद इसे सीबीआई को दे दिया गया था। सीबीआई ऑफिसर सुरेंद्र मोहन के अनुसार, "जांच एजेंसी ने आरोपियों को दोषी सिद्ध करते हुए कड़ी सजा की सिफारिश की थी। इसके अलावा पीड़िताओं को मुआवजा देने की भी बात की गई थी।"

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