गायिका से अभिनेत्री बनीं श्रेया घोषाल, नए भक्ति गाने में किया भावपूर्ण अभिनय
बॉलीवुड की बेहतरीन गायिका श्रेया घोषाल अपनी गायकी का लोहा मनवा रही हैं। वह न सिर्फ हिंदी में बल्कि दूसरी भाषाओं में भी गाती हैं। अब श्रेया एक भक्ति गीत लेकर आई हैं। हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर, मशहूर गायिका घोषाल हनुमान जी पर एक जबरदस्त भक्ति गाना लेकर आई हैं। इस भक्ति गाने का नाम 'जय हनुमान' है। इसे 'श्रेया घोषाल ऑफिशियल' नाम के चैनल पर आज ही जारी किया गया है।
श्रेया के नए गाने में क्या है?
श्रेया घोषाल ने अपने नए गाने में खुद भी अभिनय किया है। गाना एक बच्चे को दिखाने से शुरू होता है। इसके बाद श्रेया घोषाल नजर आती हैं। गाने में पहलवानों को दंगल करते हुए दिखाया गया है। गाने के बोल और म्यूजिक काफी अच्छे हैं। इस गाने को श्रद्धा पंडित ने लिखा है। इसे किंजल चटर्जी ने कंपोज किया है।
श्रेया की बहुमुखी प्रतिभा का सबूत है नया गाना
श्रेया ने गाने में बहुत ही शालीनता के साथ अभिनय किया है। गाने में बस उनकी आवाज और म्यूजिक ही हाइलाइट होती है। कह सकते हैं कि यह हाल के दिनों में उनकी सबसे सरल, आध्यात्मिक पेशकश है। श्रेया ने कई तरह के गाने गाए हैं। श्रेया का नया गाना उनकी बहुमुखी प्रतिभा का सबूत है।
श्रेया के मशहूर गाने
श्रेया घोषाल भारत की सबसे अच्छी गायिकाओं में शामिल हैं। अपनी गायकी की बदौलर ही उन्होंने पांच राष्ट्रीय पुरस्कार और चार केरल राज्य फिल्म पुरस्कार जीते हैं। बॉलीवुड में श्रेया का पहला गाना फिल्म 'देवदास' का 'बैरी पिया' था। इसमें शाहरुख खान और ऐश्वर्या राय अहम भूमिका में थे। वह केवल 16 वर्ष की थीं जब उन्होंने उदित नारायण के साथ गाना रिकॉर्ड किया था। श्रेया के दूसरे मशहूर गानों में 'सिलसिला ये चाहत का', 'मोरे पिया', 'डोला रे डोला' 'जादू है नशा है', 'अगर तुम मिल जाओ', 'मेरे ढोलना', 'तेरी ओर' है।

राशिफल 06 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं
राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम
राज्य वित्त आयोग 6 जून को करेगा नर्मदापुरम का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव
पर्यावरण दिवस पर मार्कफेड में वृक्षारोपण
‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत एनआईबीएसएम द्वारा हरी खाद तकनीक का सजीव प्रदर्शन
ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्यवधानों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना की
हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’