प्रदेश में कर्मचारियों के प्रमोशन से खाली होंगी दो लाख पोस्ट, फिर इन पर होगी नई भर्तियां
भोपाल
मध्य प्रदेश में आठ साल बाद शासकीय सेवाओं में पदोन्नति की घोषणा हो गई है। चार लाख से अधिक कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है। अधिकारियों-कर्मचारियों के पदोन्नत होने से नीचे के पद रिक्त होंगे। इससे लगभग दो लाख पद भर्ती के लिए उपलब्ध होंगे।
सरकार इन्हें आगामी तीन वर्षों में भरेगी। इसकी तैयारी भी पदोन्नति प्रक्रिया के समानांतर चलेगी। इसकी निगरानी मुख्य सचिव अनुराग जैन और अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन संजय दुबे के स्तर से हो रही है।
तैयार कराई गई है रिक्त पदों की रिपोर्ट
प्रदेश में लंबे समय से भर्ती प्रक्रिया रुकी हुई थी। नई भर्तियां नहीं होने के कारण विभागों में सभी स्तर पर पद रिक्त हो गए। इससे काम पर पड़ रहे असर को देखते हुए संविदा पर नियुक्तियां की गईं और आउटसोर्स से कर्मचारियों की व्यवस्था करने का रास्ता अपनाया गया।
उधर, वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी के मुद्दे को देखते हुए तत्कालीन शिवराज सरकार ने एक लाख सरकारी रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आरंभ की। 70 हजार से अधिक भर्तियां हो भी गईं।
मोहन सरकार ने भी इस क्रम को जारी रखा और तीन वर्षों में ढाई लाख पदों पर भर्ती की घोषणा की। इसके आधार पर सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग ने सभी विभागों से रिक्त पदों की रिपोर्ट तैयार करवाई है। सूत्रों का कहना है कि रिक्त होने वाले पदों की गणना में पदोन्नति से उपलब्ध होने वाले पद भी शामिल हैं।
चरणबद्ध होंगी भर्तियां
सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी पदोन्नति के लिए पात्र अधिकारियों-कर्मचारियों को उच्च पदों का प्रभार दिया गया है। इन्हें विधिवत पदोन्नति मिलने से पद रिक्त घोषित होंगे और फिर भर्ती प्रक्रिया होगी।
चूंकि, इससे सरकार का स्थापना व्यय (वेतन-भत्ते और पेंशन) बढ़ेगा, जो अभी कुल बजट का लगभग 27 प्रतिशत है, वह भी बढ़ जाएगा। स्थापना व्यय वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। यही कारण है कि चरणबद्ध भर्तियां की जाएंगी।
वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 में लगभग एक-एक लाख पदों पर भर्तियां होंगी। वित्त विभाग ने भी इसी हिसाब से विभागों को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं। भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से कराई जाएंगी।

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