दिग्विजय सिंह का सरकार पर निशाना, बोले- अस्पतालों में जांच मशीन नहीं, एयर एम्बुलेंस क्या देंगे
मुरैना: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह शनिवार को मुरैना पहुंचे. जहां वे पुलिस परेड मैदान पर आयोजित रोटरी मेडिकल मिशन राहत शिविर-2 में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने मीडिया को बताया की मध्य प्रदेश सरकार की एक ही उपलब्धि रही है, इसके राज में बजरी माफिया ही नहीं ठेकेदार भी करोड़पति और अरबपति बन गए हैं. दिग्विजय सिंह ने कहा एयर एंबुलेंस को लेकर भी निशाना साधा.
दिग्विजय सिंह का सरकार पर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कहा कि, "मध्य प्रदेश सरकार पूरी तरह से कमीशन खोरी में लिप्त है. जिला अस्पतालों में जांच मशीन की सुविधा तो है नहीं, और बात एयर एम्बुलेंस उपलब्ध करवाने की करते हैं. यह सब कमीशन का चक्कर है. एयर एम्बुलेंस के लिए सरकार हवाई जहाज खरीदेगी, इसमें उसको मोटा कमीशन मिलेगा. उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि, अव हवाई जहाज खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है. किसी भी एयर लाइन से टाई-अप करके यह व्यवस्था शुरू की जा सकती है."
एंदल सिंह कंसाना पर साधा निशाना
उन्होंने कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना पर निशाना साधते हुए कहा कि, "इनको में बहुत अच्छी तरह से जनता हूं. सरकार की एक ही उपलब्धि रही है, रेत कारोबारी व ठेकेदार अरबपति बन गए. मैंने ये भी सुना है की ऐदल सिंह कंषाना के घर के पास से गांजे से भरा ट्रक पकड़ा था. उन्होंने कानून व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि, बीजेपी के किसी कार्यकर्ता को पुलिस पकड़ लेती है, तो उस पर छोड़ने के लिए दबाव बनने लगता है. इससे पुलिस का लॉ कमजोर हो जाता है. यदि पुलिस स्वतंत्रतापूर्वक कार्य करे तो कानून व्यवस्था में सुधार हो सकता है.

पाकिस्तान पर संकट गहराया! ईरान युद्ध के बीच Shehbaz Sharif का बड़ा फैसला—आज से लॉकडाउन
प्रशासन द्वारा हटाई गई दुकानों के खिलाफ अनोखा अंदाज
नवजोत कौर सिद्धू का सियासी कदम: कांग्रेस छोड़, नई पार्टी का ऐलान
कैबिनेट में लगी मुहर: मोहन सरकार के बड़े निर्णय, शिक्षा और कृषि क्षेत्र को मिलेगा सीधा फायदा
सुनेत्रा पवार का बयान: अजित पवार के विकास एजेंडे को आगे ले जाएंगे, बारामती में मुकाबला तेज
रहाणे के बयान पर सहवाग ने जताई नाराजगी, कहा टीम भावना को समझो
कॉपी चेक करते वक्त छात्र का फनी नोट पढ़कर टीचर्स हक्के-बक्के
युवा खिलाड़ी का IPL डेब्यू फैंस के लिए रोमांचक होगा
ASF मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं, लेकिन पशु उद्योग के लिए बड़ा खतरा
डिजिटल संकट का डर! क्या अब नए 100, 200 और 500 रुपये के नोट बनेंगे सहारा?