महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर स्पष्टीकरण देने बुलाई जाए सर्वदलीय बैठक
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में महाकुंभ में हुई भगदड़ और उसमें मारे गए लोगों के आंकड़े जारी करने को लेकर बीजेपी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक टीवी चैनल से पता चला है कि महाकुंभ में 100 करोड़ लोगों के आने का इंतजाम था। अखिलेश ने पूछा तो यह हादसा कैसे हो गया? उन्होंने स्पीकर ओम बिरला से कहा कि अगर यह बात गलत है तो मैं आपको इस्तीफा देना चाहता हूं।
अखिलेश ने कहा कि सरकार लगातार बजट के आंकड़े दे रही है। आंकड़े देने से पहले महाकुंभ में मरने वालों के आंकड़े भी दे...मैं मांग करता हूं कि महाकुंभ की व्यवस्थाओं के बारे में स्पष्टीकरण देने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए। सपा सांसद अखिलेश ने कहा कि महाकुंभ आपदा प्रबंधन और खोया-पाया केंद्र की जिम्मेदारी सेना को दी जाए। महाकुंभ हादसे में हुई मौतों, घायलों के इलाज, दवाइयों, डॉक्टरों, भोजन, पानी, परिवहन की उपलब्धता के आंकड़े संसद में पेश किए जाएं।
सपा प्रमुख ने कहा कि महाकुंभ त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए और सच्चाई छिपाने वालों को सजा दी जाए। हम डबल इंजन सरकार से पूछते हैं कि अगर कोई दोष नहीं था तो आंकड़े क्यों छिपाए गए और मिटाए गए उन्होंने कहा कि जब पता चला कि कुछ लोगों की जान चली गई है, उनके शव अस्पताल में पड़े हैं, तब सरकार ने अपने सरकारी हेलीकॉप्टर में फूल भरकर उन पर पुष्प वर्षा की। यह कैसी सनातनी परंपरा है?
उन्होंने कहा कि कितनी चप्पल, कपड़े और साड़ियां पड़ी थीं और उन सबको जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्रॉली से उठवाया गया। कोई नहीं जानता कि उन्हें कहां फेंका गया। सब कुछ छिपाने के लिए ऐसा सुनने में आ रहा है कि कुछ दबाव और कुछ मीठा खिलाया जा रहा है, ताकि उनकी खबर बाहर न आए। अखिलेश ने कहा कि यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शोक संवेदना तक व्यक्त नहीं किया। जब देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त की तो 17 घंटे बाद योगी सरकार ने इसे स्वीकार किया। ये वो लोग हैं जो आज भी सच्चाई को स्वीकार नहीं कर सकते।

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