बीपीसीएल ने किए छह बैंकों के समूह के साथ ऋण समझौते पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली । भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) कंपनी ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की अगुवाई में छह बैंकों के समूह के साथ 31,802 करोड़ रुपये के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते के बाद बीपीसीएल ने घोषणा की कि उसने अपनी बीना रिफाइनरी विस्तार और पेट्रोरसायन परियोजना के लिए वित्त की व्यवस्था कर ली है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 48,926 करोड़ रुपये है, जिसका उद्देश्य बीना रिफाइनरी की क्षमता को 78 लाख टन प्रति वर्ष से बढ़ाकर 1.1 करोड़ टन प्रति वर्ष करना और एक पेट्रोरसायन परिसर स्थापित करना है। इसमें 12 लाख टन प्रति वर्ष एथिलीन क्रैकर इकाई का निर्माण भी शामिल है।बीपीसीएल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक जी कृष्णकुमार ने कहा कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। एसबीआई के चेयरमैन सी. श्रीनिवासुलु शेट्टी ने भी इस साझेदारी को दोनों संगठनों और राष्ट्र के लिए लाभकारी बताया। बीपीसीएल ने बताया कि इस परियोजना से लीनियर लो-डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एलएलडीपीई), हाई-डेंसिटी पॉलीइथिलीन (एचडीपीई), और पॉलीप्रोपाइलीन जैसे उत्पादों का उत्पादन होगा, जिससे भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी।
साथ ही, यह परियोजना मध्य और उत्तरी भारत में बढ़ती ईंधन की मांग को पूरा करने में मदद करेगी। परियोजना का निर्माण कार्य 15 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शिलान्यास किए जाने के बाद शुरू हो चुका है, और इसे चार साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना से 15,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होने की उम्मीद है, जबकि परियोजना के चालू होने के बाद एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।

राशिफल 06 जून 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
सुशासन तिहार: मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनीं 17 गांवों की समस्याएं
राज्य के 7 जिलों में लोगों की आमदनी बढ़ाने के लिए एकीकृत आजीविका कार्यक्रम
राज्य वित्त आयोग 6 जून को करेगा नर्मदापुरम का दौरा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलीं पर्वतारोही अंजना यादव
पर्यावरण दिवस पर मार्कफेड में वृक्षारोपण
‘खेत बचाओ अभियान‘ के तहत एनआईबीएसएम द्वारा हरी खाद तकनीक का सजीव प्रदर्शन
ऊर्जा मंत्री तोमर ने विषम परिस्थितियों में बिजली कार्मिकों द्वारा व्यवधानों के त्वरित निराकरण और उपभोक्ताओं के धैर्य की सराहना की
हमारी जीवन पद्धति में प्रकट होता है पर्यावरण संरक्षण: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
सेवानिवृत्ति के बाद आराम नहीं, बल्कि खेती में नई पहचान बनाने का सपना’