चुनावी सभाओं में शिवराज पर भारी पड़ रहे हैं कमलनाथ।। गद्दारों के खिलाफ जगह जगह हो रहा है विरोध।।
छतरपुर। मप्र में उपचुनाव का बिगुल फंूक चुका है और भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान प्रदेश में होने वाली 28 सीटों पर लगातार प्रचार करने के लिए दौरा कर रहे हैं और लगातार सभाएं ले रहे हैं। उसके बावजूद भी उन सभाओं में भीड़ नहीं जुट रही है। शासकीय अमला का शासकीय वाहनों एवं शासकी मशीनरी का भरपूर उपयोग कर जुटाया जा रहा है। उसके बावजूद भी जनता में जयचंदों के खिलाफ काफी आक्रोश देखा गया। चंबंल संभाग की 16 सीटों पर जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान लगातार दौरा कर जनता को अपनी सरकार की उपलब्धियां बता रहे हैं वहीं कांग्रेस पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सभाओं में होने वाली भीड़ से ऐसा प्रतीत होता है कि जनता प्रदेश के इन गद्दारों को इस बार जरूर सबक सिखाएगी। कांग्रेस पार्टी को बहुमत दिलाने के लिए कमलनाथ अपनी डेढ़ वर्ष की सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं और किसानों को दिए गए कर्ज माफी के संबंध में बता रहे हैं वहीं शिवराज सरकार के वर्तमान मंत्री हतोत्साहित होकर यह तक कह रहे हैं कि अगर हम हार भी गए तो मप्र में भाजपा की सरकार बनेगी और हम मंत्री बने रहेंगे। मप्र में वर्तमान में 14 मंत्री उपचुनाव लड़ रहे हैं ये बे ही मंत्री हैं जो कांग्रेस सरकार से बगावत कर भाजपा की सरकार बनाने में डटे रहे। प्रदेश में उपचुनाव को लेकर अब घमासान शुरु हो गया है और प्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया के सर्मथक विधायकों को पुनरू चुनाव लडना पड़ रहा है और ये सभी विधायक जनता के पास वोट मांगने जाते हैं तो लोग उनके मुंह पर ही कह देते हैं कि जब विधायक चुनकर भेजा था तो सरकार गिराने की क्या जरूरत थी। अब फिर से यदि कांग्रेस की सरकार बन गइ्र तो आप लोग क्या करेंगे। कुल मिलाकर मप्र में शिवराज सिंह चैहान और कमलनाथ के बीच लगातार सभाओं का दौर चल रहा है और जनता भी दोनों मुख्यमंत्रियों के भाषण का भरपूर आनंद उठा रही है लेकिन एक बात बिल्कुल साफ नजर आ रही है कि उपचुनाव में जो सभाएं हो रही हैं उन सभाओं में शिवराज सिंह चैहान पर कमलनाथ भारी पड़ते नजर आ रहे हैं। जगह जगह भाजपा कार्यकर्ताओं में इन जयचंदों के पार्टी में शामिल होने के बाद विरोध जारी है। सागर में गोविंद सिंह राजपूत का भाजपा कार्यकर्ता खुलकर विरोध कर रहे हैं इसी प्रकार रायसेन में प्रभूराम चैधरी का भी काफी विरोध हो रहा है गौरीशंकर सेजवार जैसे कद्दावर नेता प्रभूराम चैधरी का प्रचार करने अपने घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं। इसी प्रकार प्रबुंध सिंह तोमर के प्रचार भी ग्वालियर क्षेत्र के भाजपाई नेता प्रचार में नहंीं आ रहे हैं। डबरा क्षेत्र से इमरती देवी की भी हालत काफी पतली बताई जा रही है। इंदौर के सावेर सीट से तुलसी सिलावट की भी स्थिति काफी नाजुक है। प्रदेश में पहली बार ऐसा हो रहा है जबकि चुनी हुई सरकार को गिराकर भाजपा ने अपनी सरकार बनाई हो और कांग्रेस के विधायकों को टिकट देकर भाजपा से लड़ाया जा रहा हो। पूरे देश की निगाहें मप्र के उपचुनाव पर टिकी हुई हैं। लोकतंत्र में जनता के द्वारा चुना हुआ प्रतिनिधि यदि बिक जाए तो फिर जनमत का महत्व ही खत्म हो जाएगा।  यह बात पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के द्वारा जगह जगह आम सभा में कही जा रही है। उनके अन्य नेता भी आम जनता को यही बता रहे हैं कि लोकतंत्र को बचाना है तो इन गद्दारों को इस चुनाव में जरूर हराया जाना चाहिए। जनता के वोट की कीमत का महत्व होना चाहिए। यही हाल बड़ामलहरा सीट पर भारतीय जनता पार्टी से लड़ रहे दलबदलू नेता प्रद्युम्र लोधी का है। क्षेत्र में उनका अच्छा खासा विरोध हो रहा है। फिलहाल उपचुनाव को लेकर अभी शिकवा शिकायतों का दौर भी चल रहा है।